बिहार में सड़क दुर्घटना होने पर मृतक के आश्रित को पांच लाख रुपये जबकि गंभीर रूप से घायल को ढाई लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात कि मृतक के आश्रित या घायल व्यक्ति को यह प्रमाणित करने की आवश्यकता नहीं होगी कि दुर्घटना, मृत्यु या गंभीर रूप से घायलावस्था वाहन स्वामी या व्यक्ति की भूलचूक से हुई है। मुआवजा राशि के लिए बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि में 50 करोड़ रुपये की राशि जमा रहेगी। खर्च के हिसाब से बिहार सड़क सुरक्षा परिषद द्वारा समय-समय पर अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस रिवाल्विंग फंड के लिए कैबिनेट से भी मंजूरी मिल चुकी है, जिसके बाद नियमावली के प्रारूप का प्रकाशन कर 30 दिनों तक दावा और आपत्ति मांगी गई है। इसके बाद परिवहन विभाग अधिसूचना जारी कर देगा।

एसडीओ करेंगे अनुशंसा, डीएम देंगे स्वीकृति

अंतरिम मुआवजा भुगतान के लिए संबंधित जिले के एसडीओ को दुर्घटना दावा जांच पदाधिकारी बनाया गया है। वह सड़क दुर्घटना के बाद संबंधित थानाध्यक्ष, स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अनुमंडल अस्पताल या सदर अस्पताल के प्रभारी और जिला परिवहन पदाधिकारी से प्राप्त सूचना या प्रतिवेदन के आधार पर मृतकों या आश्रितों को मुआवजा राशि के भुगतान की कार्रवाई करेंगे। सूचना या आवेदन मिलने के बाद एसडीओ दुर्घटना दावा मूल्याकंन पदाधिकारी सह डीएम को इसकी अनुशंसा करेंगे। डीएम के पास ही मुआवजा राशि की स्वीकृति का अधिकार होगा। डीएम से स्वीकृति के बाद जिला परिवहन पदाधिकारी सह जिला सड़क सुरक्षा समिति के सचिव व्यक्ति की पहचान कर मुआवजा राशि का भुगतान करेंगे।

एक व्यक्ति की मौत या घायल पर भी मुआवजा

नई नियमावली के बाद अब सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत होने या गंभीर रूप से घायल होने पर भी मुआवजा राशि मिल सकेगी। अभी तक सड़क दुर्घटना में कम से कम एक व्यक्ति की मौत और साथ में एक व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने पर ही आपदा प्रबंधन मद से मुआवजा मिलता था। अब इसकी अनिवार्यता नहीं रहेगी। आपदा प्रबंधन की जगह अब बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि से मुआवजा दिया जाएगा।

दावा न्यायाधिकरण का होगा गठन

मोटरवाहन दुर्घटना व्यक्ति से जुड़े मामले या संपत्ति की क्षति के मुआवजा निर्धारण के लिए राज्यस्तर पर दावा न्यायाधिकरण का गठन किया जाएगा। परिवहन विभाग के अधीन कार्य करने वाला राज्य परिवहन अपीलीय न्यायाधिकरण सक्षम न्यायाधिकरण होगा। मामले बढऩे पर आवश्यकता के अनुसार, अतिरिक्त सदस्यों की नियुक्ति कर स्वतंत्र पीठ के रूप में भी यह कार्य कर सकेगी। मामले की सुनवाई अधिकतम 60 दिनों के अंदर करनी होगी।

हिट एंड रन मामले में तत्काल भुगतान

हिट एंड रन श्रेणी के सड़क हादसों में मृतकों के आश्रितों और घायलों को एसडीओ की अनुशंसा पर तत्काल मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा। इसमें भी मृतक के आश्रितों को पांच लाख और गंभीर रूप से घायलों को ढाई लाख रुपये की राशि डीटीओ की ओर से मिलेगी।

इन आश्रितों को मिलेगा मुआवजा

अविवाहित व्यक्ति की मृत्यु होने पर माता-पिता जबकि विवाहित होने पर पति या पत्नी को आश्रित मानकर मुआवजा दिया जाएगा। अविवाहित व्यक्ति के माता-पिता के नहीं रहने पर भाई और बहन मुआवजा राशि के हकदार होंगे।

आवेदन में शामिल होंगे ये दस्‍तावेज

संबंधित थानाध्यक्ष द्वारा दुर्घटना जांच प्रतिवेदन

अस्पताल प्रभारी द्वारा मृत्यु या घायल होने का प्रतिवेदन

डीटीओ से दुर्घटना वाले वाहन का निबंधन, बीमा एवं पता

Source : Dainik Jagarn

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