https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-3863356021465505

Vice President Election 2022: एनडीए के एक दिन बाद विपक्ष ने भी उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है. विपक्ष की राष्ट्रपति उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा होंगी. विपक्ष की सभी पार्टियों की मींटिग के बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मार्गरेट अल्वा के नाम की घोषणा की है. इससे पहले खबर आई थी कि विपक्ष, एनडीए के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार की घोषणा के इंतजार में था. जिसके बाद वो अपने उम्मीदवार की घोषणा करेगा. हुआ भी कुछ ऐसा ही, एनडीए द्वारा जगदीप धनखड़ के नाम के ऐलान के बाद विपक्ष ने मार्गरेट अल्वा के नाम की घोषणा की. दिल्ली में विपक्षी दलों की बैठक के बाद मार्गरेट अल्वा के नाम पर मुहर लगी है.

मार्गरेट अल्वा ने किया विपक्ष का धन्यवाद

भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार के रूप में नामित होना एक विशेषाधिकार और सम्मान की बात है. मैं इस नामांकन को बड़ी विनम्रता से स्वीकार करती हूं और विपक्ष के नेताओं को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने मुझ पर विश्वास किया.

शरद पवार के घर पर बैठक

विपक्ष की इस बैठक का आयोजन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) के आवास पर हुआ. बैठक में कांग्रेस (Congress), तृणमूल कांग्रेस (TMC), वाम दल (Left), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), समाजवादी पार्टी (SP) सहित सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए.

विपक्ष ने क्यों अपनाई वेट एंड वॉच रणनीति

माना जा रहा है कि विपक्ष ने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की घोषणा के लिए वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाई है. ऐसा इसलिए किया गया क्यों कि राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी दलों ने राजग द्वारा द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) की उम्मीदवारी का ऐलान किए जाने से पहले ही यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) को अपना संयुक्त उम्मीदवार घोषित कर दिया था. इससे शिवसेना, यूपी की क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी सुभाषपा और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) समेत कई अन्य गैर-बीजेपी दलों ने बाद में यशवंत सिन्हा के बजाय द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने की घोषणा की थी.

जगदीप धनखड़ एनडीए उम्मीदवार

बता दें कि एनडीए ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है. रविवार शाम को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने धनखड़ के उम्मीदवारी का ऐलान किया था. राजस्थान के जाट नेता धनखड़ राजस्थान और हरियाणा में चुनावी गणित को प्रभावित कर सकते हैं, जहां क्रमश: 2023 और 2024 में विधानसभा चुनाव होने हैं.

Source : Zee news

Advertisment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *