मुजफ्फरपुर में बड़ा साइबर खुलासा: विदेशों में बिक रही थी आम लोगों की निजी जानकारी, 4 गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर में बड़ा साइबर खुलासा: विदेशों में बिक रही थी आम लोगों की निजी जानकारी, 4 गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर | 22 अप्रैल 2026 | Tirhut Now


मुजफ्फरपुर पुलिस ने एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो आम नागरिकों की निजी जानकारी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेच रहे थे। यह कार्रवाई 21 अप्रैल 2026 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई।


पुलिस के अनुसार, गरहां ओपी (अहियापुर) क्षेत्र के कफेन चौधरी गांव निवासी रिषभ कुमार अवैध रूप से API तैयार कर लोगों की संवेदनशील जानकारी जैसे मोबाइल नंबर, आधार, पैन कार्ड, वाहन और IMEI डेटा को विदेशी साइबर गिरोहों को बेच रहा था।


मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें बिहार एसटीएफ, जिला आसूचना इकाई और साइबर थाना की तकनीकी टीम शामिल रही।


तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी रिषभ कुमार को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर तीन अन्य सहयोगी—दीपक चौधरी उर्फ आशु कुमार (गाजीपुर, यूपी), सुधांशु कुमार (दरभंगा) और साहिल कुमार (मुजफ्फरपुर)—को भी गिरफ्तार किया गया।


जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी फर्जी सिम कार्ड और टेलीग्राम ऐप के जरिए डेटा इकट्ठा कर टेलीग्राम बॉट और OSINT टूल्स के माध्यम से विदेशी अपराधियों को बेचते थे।


पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन और 1 आईपैड बरामद किया है। डिवाइस की जांच में कई संदिग्ध टेलीग्राम ग्रुप और चैनल मिले हैं। साथ ही, मुख्य आरोपी के बैंक खातों में मौजूद करीब 4 लाख रुपये को फ्रीज कर दिया गया है।


फिलहाल पुलिस विदेशी कनेक्शन और इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान में जुटी है। यह मामला साइबर सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है, जिसमें आम लोगों की निजी जानकारी का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा था।


📌 Tirhut Now की अपील:
अपनी निजी जानकारी किसी भी अनजान प्लेटफॉर्म या व्यक्ति के साथ साझा करने से बचें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना साइबर पुलिस को दें।