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मुजफ्फरपुर, लंगट सिंह कॉलेज और चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनजमेंट के संयुक्त तत्वावधान में “नैक इवेल्यूएशन एंड इंप्लीमीमेंटेसन ऑफ एनईपी 2020 विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गयी. कॉलेज सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में बीआरए बिहार विश्वविधालय के विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य और आईक्यूएसी समन्वयको ने भाग लिया.

कार्यशाला का उद्घाटन प्राचार्य प्रो ओमप्रकाश राय, तिलका मांझी विश्वविद्यालय के प्रोवीसी प्रो रमेश कुमार, चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो राणा सिंह, भारत सरकार के नैक उपसलाहकार श्याम सिंह इंडा और सीसीडीसी प्रो अमिता शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन से हुआ.

अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्य प्रो ओमप्रकाश राय ने कहा कि यूजीसी के मुताबिक सभी शिक्षण संस्थानों को नैक से मान्यता पाना जरूरी है. राज्य सरकार तथा विश्वविद्यालय प्रशासन भी नैक मूल्यांकन को लेकर गंभीर है. ऐसे में इस कार्यशाला का आयोजन सभी संस्थानों के नैक मूल्यांकन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है. उन्होंने कहा कि सभी कॉलेजों की किसी न किसी क्षेत्र में विशेषज्ञता है तथा आपसी सहयोग और समन्वय से बीआरए विश्वविद्यालय के सभी कॉलेज नैक मूल्यांकन जैसे दुरूह कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर सकता है. उन्होंने आशा व्यक्त की ये कार्यशाला से संस्थानों को नैक मूल्यांकन के लिए मार्गदर्शन मिलेगा.

प्रो राय ने कहा कि लंगट सिंह कॉलेज में विगत वर्षो में विश्वविद्यालय और राज्य सरकार के सहयोग से इन्फ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव और बिस्तृतिकरण की दिशा में काफी काम किए गए हैं जिसका फायदा निश्चित रूप से इस बार कॉलेज को नैक मूल्यांकन में मिलेगा. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सफल कार्यान्वयन में तथा उच्च शिक्षा में लक्षित सकल नामांकन अनुपात 50 हासिल करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर और शिक्षको को कमी की दूर किए बिना हासिल करना मुश्किल है. सीआईएमबी के निदेशक प्रो राणा सिंह ने यूजीसी के नए पोर्टल पोर्टल उत्साह का जिक्र करते हुए कहा कि इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन और उच्च शिक्षा संस्थानों में इसकी रणनीतिक पहलों पर कड़ी नजर रखना है.

मुख्य वक्ता श्याम सिंह इंडा ने पीपीटी के माध्यम से नैक मूल्यांकन की तैयारियों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि एसएसआर भरने के समय प्रत्येक प्रश्न को अच्छी तरह समझना जरूरी है तभी हम उनका तथ्यपरक उत्तर लिख सकेंगे. प्रोबीसी प्रो रमेश कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि एसएसआर में सिर्फ सही जानकारी देनी चाहिए जिसको नैक पियर टीम वेरिफाई कर सके. उन्होंने कहा कि टीम भावना से सभी लोग मिलके प्रयास करे तब नैक में अच्छा ग्रेड लाया जा सकता है.

सीसीडीसी प्रो अमिता शर्मा ने कहा कि नैक मूल्यांकन में कॉलेज के सभी कर्मियों और शिक्षको को जिम्मेदारी समझनी होगी तभी अच्छा ग्रेड मिल सकता है. कार्यशाला का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन कॉलेज के आईक्यूएसी समन्वयक प्रो राजीव कुमार ने किया. कार्यशाला के बाद प्राचार्य प्रो राय ने अतिथियों के साथ विज्ञान संकाय के विभागो में जाकर विभागीय स्तर पर नैक मूल्यांकन की तैयारियों का जायजा भी लिया.

मौके पर एमडीडीएम कॉलेज की प्राचार्य प्रो कनुप्रिया, विभिन्न कॉलेज के प्राचार्य प्रो रामनरेश पंडित, प्रो तारकेश्वर पंडित, प्रो ब्रह्मानंद झा, प्रो नारायण दास, प्रो बीरेंद्र चौधरी, प्रो नंदकिशोर, प्रो राजीव झा, प्रो जयकांत सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो टीके डे, कॉलेज निरीक्षक प्रो प्रमोद कुमार, प्रो अशोक अंशुमन,डॉ फैयाज अहमद, डॉ शैलेंद्र सिन्हा, डॉ एस एन अब्बास, डॉ नवीन कुमार, डॉ ललित किशोर, डॉ इम्तियाज, ऋषि कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।

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