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बिजली चोरी के मामले में एक अधिकारी पकड़े गए तो वे अपने ड्राइवर पर केस करने को कहने लगे। बिजली कंपनी की टीम ने ड्राइवर पर केस करने से इनकार कर दिया। प्राथमिकी दर्ज कर राशि की वसूली की गई। आठ दिनों में बिजली चोरी को लेकर हुई छापेमारी में यह बात सामने आई है कि लोग धड़ल्ले से बिजली चोरी कर रहे हैं। आंकड़ा यह है कि उस माह दो अगस्त से दस अगस्त तक 4669 परिसरों में बिजली कंपनी के अधिकारियों ने छापेमारी की। इस क्रम में 280 परिसर इस तरह मिले कि वहां धड़ल्ले से बिजली की चोरी हो रही थी।

अगली बार पकड़े गए तो आपराधिक मामला होगा दर्ज

बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि दो अगस्त से दस अगस्त के बीच अकेले पटना में बिजली चोरी कर रहे लोगों से 1.64 करोड़ रुपये की वसूली हुई। बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि पहली बार पकड़े जाने की स्थिति में यह हिदायत दी गई है कि इस बार दंड लेकर छोड़ दिया जा रहा है। अगली बार पकड़े गए तो आपराधिक मामला दर्ज होगा और जेल भी हो सकती है।

बिजली चोरी में पकड़े जाने पर खत्म हो सकती है सब्सिडी

बिजली कंपनी इस आशय के प्रस्ताव पर काम कर रहा है कि अगर कोई कंज्यूमर बिजली चोरी में पकड़ा जाता है तो उसे बिजली बिल पर मिलने वाली सब्सिडी बंद हो सकती है। सरकार के निर्णय पर यह लालू होगा। घर के भीतर मीटर से ही नई लाइन ले जा रहे बिजली चोरी के मामले अनोखी शक्ल में सामने आ रहे हैं। बहुत से मामले इस श्रेणी के हैैं कि मीटर के पास से नया तार लगाकर लाइन को अलग ले जाया जा रहा है।

Input: Dainik jagran

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