https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-3863356021465505

GST Meet Highlights: अब दही, पनीर, शहद, मांस और मछली जैसे डिब्बा बंद और लेबल-युक्त खाद्य पदार्थों पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) लगेगा. साथ ही चेक जारी करने के एवज में बैंकों की तरफ से लिये जाने पर शुल्क पर भी जीएसटी देना पड़ेगा.

अधिकारियों ने कहा कि गुड्स एंड सर्विस टैक्स से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेने वाली शीर्ष निकाय जीएसटी परिषद ने दरों को युक्तिसंगत बनाने के मकसद से छूट वापस लेने को लेकर राज्यों के वित्त मंत्रियो के समूह की ज्यादातर सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं.

गेहूं और अन्य अनाज पर लगेगी जीएसटी

परिषद ने दो दिन की बैठक के पहले दिन मंगलवार को जीएसटी से छूट की समीक्षा को लेकर मंत्री समूह (जीओएम) की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया. यह छूट फिलहाल डिब्बाबंद और लेबल युक्त खाद्य पदार्थों को मिलती है.

इससे डिब्बा बंद मांस (फ्रोजन छोड़कर), मछली, दही, पनीर, शहद, सूखा मखाना, सोयाबीन, मटर जैसे उत्पाद, गेहूं और अन्य अनाज, गेहूं का आटा, मूरी, गुड़, सभी वस्तुएं और जैविक खाद जैसे उत्पादों पर अब पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा.

चेक जारी करने भी लगेगी जीएसटी

इसी प्रकार, चेक जारी करने पर बैंकों द्वारा लिये जाने वाले शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. एटलस समेत नक्शे और चार्ट पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. वहीं खुले में बिकने वाले बिना ब्रांड वाले उत्पादों पर जीएसटी छूट जारी रहेगी.

इसके अलावा 1,000 रुपये प्रतिदिन से कम किराये वाले होटल कमरों पर 12 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाने की बात कही गयी है. अभी इसपर कोई टैक्स नहीं लगता है. भारांश औसत जीएसटी को बढ़ाने के लिये दरों को युक्तिसंगत बनाना महत्वपूर्ण है. भारांश औसत जीएसटी घटकर 11.6 प्रतिशत पर आ गया है जो इस कर व्यवस्था के लागू होने के समय 14.4 प्रतिशत था.

ऑनलाइन गेमिंग पर भी जीएसटी लगने की संभावना

जीएसटी परिषद ने खाद्य तेल, कोयला, एलईडी लैंप, ‘प्रिंटिंग/ड्राइंग इंक’, तैयार चमड़ा और सौर बिजली हीटर समेत कई उत्पादों पर उलट शुल्क ढांचे (कच्चे माल और मध्यवर्ती वस्तुओं के मुकाबले तैयार उत्पादों पर अधिक कर) में सुधार की भी सिफारिश की है.

परिषद बुधवार को राज्यों को राजस्व नुकसान की भरपाई के लिये क्षतिपूर्ति व्यवस्था जून, 2022 के बाद भी जारी रखने की मांग पर विचार कर सकती है. इसके अलावा कसीनो, ऑनलाइन गेमिंग और घुड़दौड़ पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

छत्तीसगढ़ जैसे विपक्ष-शासित राज्य जीएसटी क्षतिपूर्ति व्यवस्था को पांच साल के लिए बढ़ाने या राजस्व में राज्यों की हिस्सेदारी मौजूदा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 70-80 प्रतिशत करने की मांग कर रहे हैं. जीएसटी प्रणाली में सुधार पर भी राज्यों के वित्त मंत्रियों की रिपोर्ट को मंजूरी दी गयी. इसमें उच्च जोखिम वाले करदाताओं के बॉयोमीट्रिक सत्यापन के साथ वास्तविक समय में बैंक खातों के सत्यापन का सुझाव दिया गया है.

राजस्व वृद्धि के आंकड़ों के अनुसार 31 राज्य/केंद्रशासित प्रदेशों में से केवल पांच राज्यों….अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम…के राजस्व में वृद्धि जीएसटी के तहत 2021-22 में राज्यों के लिये संरक्षित राजस्व दर से अधिक रही है.

Source : abp news

Advertisment

169 thoughts on “GST Meet Highlights: अब डिब्बा बंद दही और पनीर होगा महंगा, जाने- कितनी फ़ीसदी GST लगेगी”
  1. You’re actually a just right webmaster. This web site loading speed is amazing.
    It sort of feels that you’re doing any unique trick.
    Moreover, the contents are masterpiece. you’ve performed a magnificent job on this subject!
    Similar here: najtańszy sklep and also here: Bezpieczne zakupy

  2. Hello! Do you know if they make any plugins to assist with
    SEO? I’m trying to get my blog to rank for some targeted keywords but I’m not seeing very good gains.
    If you know of any please share. Many thanks! You can read similar article here: E-commerce

  3. online meds without prescription [url=https://pharmnoprescription.icu/#]buy pills without prescription[/url] canadian prescription drugstore reviews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *