बक्सर: क्या कभी किसी ने सोचा है कि जिस देश में रेलवे को लाइफलाइन कहा जाता है, वहां कभी घर जाने के लिए जान को जोखिम में डाल कर सवारी गाड़ी नहीं बल्कि मालगाड़ी पर यात्रा करनी होगी. कहते हैं न मरता क्या नहीं करता तो कुछ ऐसे ही बात तब हुई जब परीक्षा देने वालो ने मालगाड़ी को बुटेल ट्रैन बना दिया और चल निकले घर की ओर.

दरअरसल, ये कहानी पिछले रविवार की है जब बक्सर जिला में वनरक्षी पद के लिए परीक्षा थी. बक्सर में परीक्षा केंद्र बना हुआ था, छात्र किसी तरह तो आ गए और परीक्षा भी दी, लेकिन घर जाने की कोई भी सुविधा नहीं मिली तो माल गाड़ी पर ही कब्जा जमा लिया. छात्र घर जाने के लिए जान को जोखिम में डाल कर माल गाड़ी पर सवार हो गए.

हालांकि, ये घटना रविवार की है लेकिन इसका किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. वीडियो वायरल हुआ तो रेल प्रसासन की किरकिरी शुरू हो गई. अब रेल प्रशासन ने पूरे मामले पर चुप्पी साध रखा है. बहरहाल जान जोखिम में डालकर ट्रेन की सवारी तो अपने पहले भी देखी होगी लेकिन सवारी गाड़ी के बजाय माल गाड़ी पर इस तरह का सफर अपने शायद ही पहले देखा होगा.

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर लिखा- ”फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा के लिए बिहार में अभ्यर्थियों को अपने अपने परीक्षा केंद्र इस तरह अपनी जान जोखिम में डालते हुए मालगाड़ियों पर बैठ कर जाना आना पड़ा. नीतीश कुमार और BJP का अहंकार देखिए, लाख मांगने पर भी ना गृह जिले में सेंटर दिए गए और ना ही आवागमन का कोई इंतजाम किया गया.”

उन्होंने कहा कि BJP की नीतीश सरकार ने BPSC अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र गृह ज़िला से 400 KM दूर निर्धारित किए है. ट्रेन की कोई सुविधा नहीं क्योंकि कोरोना का बहाना है. सर्दी में परीक्षार्थी जान हथेली पर रख खुले में मालगाड़ी में यात्रा कर रहे है लेकिन निर्दयी सरकार किसी का कुछ सुन ही नहीं रही है.

गोपालगंज जिले के बीजेपी अध्यक्ष बिनोद कुमार सिंह ने आरजेडी के ट्वीट के जवाब में प्रतिक्रिया दी है. तेजस्वी के ट्वीट पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा है कि तेजस्वी के गृह जिले गोपालगंज में जान जोखिम में डालकर छात्र सफर करते थे. ये तस्वीर लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री के समय का है. बिहार में रेलवे पर ज्ञान बाटने वाले तेजस्वी प्रसाद यादव जी इस वीडियो पर भी ट्वीट करें. बिहार की महान जनता को ट्वीट का इंतजार है.

Input : ZeeNews

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