AMRUT 2.0 के तहत 700 करोड़ की बड़ी योजना, 28 ओवरहेड टैंकों से होगा पूरे शहर में संतुलित जल वितरण
मुजफ्फरपुर | Tirhut Now
शहर में बढ़ते पेयजल संकट को देखते हुए नगर निगम ने अब एक बड़ा और दूरगामी कदम उठाने की तैयारी कर ली है। आने वाले समय में मुजफ्फरपुर के लोगों को गंडक नदी के पानी को शुद्ध कर घर-घर सप्लाई किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए रेवा घाट को मुख्य जलस्रोत के रूप में चयनित किया गया है।
यह पूरी परियोजना केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत विकसित की जाएगी, जिसमें पारंपरिक भूजल पर निर्भरता को खत्म कर आधुनिक सतही जल आधारित वितरण प्रणाली तैयार की जाएगी। इससे शहर को लंबे समय तक जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है।
🔷 रेवा घाट पर बनेगा आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट
परियोजना के तहत रेवा घाट पर एक अत्याधुनिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। यहां गंडक नदी के पानी को वैज्ञानिक तरीके से शुद्ध किया जाएगा। इसके बाद पाइपलाइन के जरिए पानी को शहर के विभिन्न क्लीन वाटर रिजर्व टैंकों तक पहुंचाया जाएगा।
🔷 28 ओवरहेड टैंकों से हर इलाके तक पानी
शहर के अलग-अलग हिस्सों में कुल 28 ओवरहेड टैंक (OHT) स्थापित किए जाएंगे। इन टैंकों के जरिए पानी को संतुलित तरीके से पूरे शहर में वितरित किया जाएगा, जिससे किसी भी इलाके में पानी की कमी न हो।
🔷 500–700 करोड़ की लागत, निरीक्षण पूरा
इस बड़ी परियोजना पर लगभग 500 से 700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नगर निगम और तकनीकी एजेंसी द्वारा चयनित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण भी किया जा चुका है। अब जमीन की उपलब्धता और निर्माण कार्य को लेकर प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
🔷 भूजल पर निर्भरता होगी कम
इस योजना के लागू होने के बाद शहर में भूजल के अत्यधिक दोहन पर रोक लगेगी। गिरते ग्राउंड वाटर लेवल को नियंत्रित करने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।
🔷 जल्द शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह के अनुसार, सभी जरूरी स्वीकृतियां मिलते ही डिजाइन और तकनीकी मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। परियोजना पूरी होने के बाद शहरवासियों को नियमित और स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिलेगी।
निष्कर्ष:
अगर यह योजना समय पर पूरी होती है, तो मुजफ्फरपुर के लिए यह एक ऐतिहासिक बदलाव साबित होगी। न केवल जल संकट से राहत मिलेगी, बल्कि शहर का भविष्य भी सुरक्षित और स्थायी जल संसाधनों की ओर बढ़ेगा।
