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अग्निपथ योजना के खिलाफ हुए बवाल के कारण बीच रास्ते से रद्द की गई ट्रेनों के टिकट वापसी में यात्रियों को कठिनाई का सामाना करना पड़ रहा है। यात्रियों को टिकट की राशि की वापसी के लिए टीडीआर (टिकट डिपोजिट रिसिप्ट) का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे यात्रियों को टिकट की राशि हाथों हाथ नहीं मिलेगी। उन्हें इसके लिए तीन माह का इंतजार करना पड़ सकता है।

बीते शुक्रवार को बवाल के दौरान बीच रास्ते से रद्द की गई अप वैशाली सुपर फास्ट एक्सप्रेस, अप अमरनाथ एक्सप्रेस व दरभंगा-नई दिल्ली एक्सप्रेस समेत दर्जनभर ट्रेनों के यात्रियों को काउंटर टिकट के लिए टीडीआर के माध्यम से क्लेम करना पड़ा है। दरअसल, बीच रास्ते से रद्द की गई ट्रेनें सिस्टम में रद्द नहीं की जा सकी। इस कारण यात्रियों को टिकट रिफंड करने में कठिनाई होने लगी। यात्रियों की ओर से हंगामा किए जाने पर शुक्रवार तक के लिए मैन्युअल रिफंड किया गया।

इसके बाद रिफंड होना बंद हो गया। यात्रियों को ट्रेन रद्द होने परिस्थिति में टिकट वापसी के लिए 72 घंटे का अवधि दिया गया है। इसके बाद टिकट रिफंड करने के लिए मुजफ्फरपुर जंक्शन समेत रेलवे के अलग-अलग काउंटर पर पहुंचने वाले यात्रियों को टीडीआर फॉर्म भरकर टिकट सौंप देना पड़ा। अब राशि के लिए यात्रियों को तीन माह का इंतजार करना पड़ सकता है।

रामबाग निवासी सन्नी कुमार ने बताया कि अमरनाथ एक्सप्रेस की टिकट वापसी के लिए टीडीआर फॉर्म पड़ना पड़ा है। अब राशि के लिए तीन तक इंतजार करना पड़ सकता है। रेलवे के वाणिज्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि कुछ ट्रेनें सिस्टम से कैंसिल नहीं हो सकीं। इसके लिए कोलकाता स्थित कार्यालय तक समस्या का रखी गई। सिस्टम में ट्रेन रद्द नहीं होने पर मैन्युल रिफंड की सुविधा दी गई है।

Input : live hindustan

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