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मुजफ्फरपुर, गन्ना उद्योग एवं विधि विभाग मंत्री प्रमोद कुमार ने समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में गन्ना उद्योग विधि विभाग से संबंधित समीक्षात्मक बैठक की. जिसमे उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देशित किया कि जिले में उत्कृष्ट किसानों को चिन्हित कर आने वाले दिनों में गन्ना उत्पादन पर आधारित कार्यशाला का आयोजन करें। गन्ना उत्पादन से संबंधित सरकार की नीतियों किसानों को मिलने वाले अनुदान की जानकारी देने के साथ गन्ना उत्पादन के प्रति उन्हें प्रोत्साहित किया जाए।

बैठक मे उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देना हमारा लक्ष्य है ताकि अधिक से अधिक इन्वेस्टर यहां आ सके जिससे की गन्ना आधारित उद्योग का विस्तार हो सके. उन्होंने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि बाढ़ के कारण गन्ना फसल की जो क्षति हुई है इससे गन्ना किसानों पर प्रभाव पड़ा है। फसल क्षति में गन्ने की भी क्षति को सम्मिलित करने की दिशा में यथोचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उचित कदम उठावे ताकि गन्ना किसानों को भी फसल क्षति के रूप में मुआवजा मिल सके।

उन्होंने कहा कि इथेनॉल नीति के तहत उद्योग विभाग के प्रयास से कई निवेशक एथेनॉल के प्लांट लगाने को लेकर इच्छुक हुए हैं। इस नीति के कारण इस क्षेत्र में काफी निवेशक आएंगे। इससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पूरी कोशिश होगी कि किसानों को गन्ने का अधिक मूल्य मिल सके और उनके आर्थिक स्थिति में सुधार हो। उन्होंने कहा कि चीनी उत्पादन के क्षेत्र में मास्टर ट्रेनर तैयार करने के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

विधि विभाग की समीक्षा

वही विधि विभाग की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि मुजफ्फरपुर जिले में सी डब्ल्यू जे सी के कुल 258, एमजेसी (अवमानना) के 22 एवं एलपीए के 10 वाद लंबित हैं। विगत 6 महीने में कुल 65 सी डब्ल्यू जे सी एवं 07 एम०जे०सी में प्रति शपथ पत्र दाखिल कर दिया गया है। शेष सभी प्रक्रियाधीन है।

विधि प्रशाखा के प्रभारी पदाधिकारी स्मृति सिन्हा के द्वारा बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2021- 22 के लिए मुजफ्फरपुर जिले में विधि पदाधिकारियों को दैनिक शुल्क के भुगतान हेतु कुल 40,00000 रुपए का आवंटन प्राप्त हुए थे जिस में अब तक प्राप्त सभी विपत्रो का भुगतान करते हुए कुल ₹3018535 का भुगतान किया गया है। साथ ही प्रतिधारण शुल्क हेतु ₹64000 प्राप्त हुए थे  जिसका भुगतान भी कर दिया गया है।पुनः आवंटन की मांग की जा रही है। बताया गया किअभियोजन स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव 161 प्राप्त हुए थे वर्तमान में 153 अभियोजन की स्वीकृति दी जा चुकी है 08 प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है।

माननीय मंत्री जी ने निर्देश दिया कि सी डब्ल्यू जे सी, एम०जे०सी० और एलपीए से संबंधित लंबित वादों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने की दिशा में कार्य में गति लाएं।

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