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मुजफ्फरपुर। शहर के सभी वार्डो में 25-25 लाख की विकास योजनाओं पर काम होगा। प्रत्येक वार्ड में पांच-पांच लाख की पांच नई योजनाएं ली जाएंगी। नाला पर बने अतिक्रमण को सख्ती से हटाया जाएगा। शहर में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी को निगम से अनिवार्य से रूप से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। बेसहारा पशुओं पर नियंत्रण को खटालों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। निर्धारित संख्या से कम पशु होने पर माना जाएगा शेष को सड़क पर खुला छोड़ दिया गया है और इसके लिए खटाल मालिक पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सड़क पर घूमने वाले पशुओं के कान पर लगे टैग से पशु मालिक की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। स्मार्ट सिटी रोड के चौड़ीकरण में बाधक स्टेशन रोड की सभी दुकानों को हटाया जाएगा।

इस आशय का निर्णय शनिवार को क्लब रोड आडिटोरियम में प्रभारी महापौर मानमर्दन शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित निगम बोर्ड की विशेष बैठक में लिया गया। बैठक में नगर विधायक विजेंद्र चौधरी, नगर आयुक्त विवेक रंजन मैत्रेय समेत 33 पार्षदों ने भाग लिया। बैठक में नगर आयुक्त द्वारा लाए गए प्रस्तावों पर फैसला के लिए नगर प्रभारी महापौर को अधिकृत किया गया। इसको लेकर थोड़ी देर तक जमकर हंगामा हुआ। वार्ड 21 के पार्षद केपी पप्पू, वार्ड छह के पार्षद जावेद अख्तर एवं 46 के पार्षद नंद कुमार प्रसाद साह ने इस फैसले का जमकर विरोध किया। जावेद अख्तर एवं वार्ड 23 के पार्षद राकेश कुमार के बीच इसको लेकर तनातनी की स्थिति हो गई। बैठक के अंत में कटिहार के मेयर की मौत पर दो मिनट को मौन रखा गया।

जलजमाव की समस्या को लेकर पार्षदों ने जताई चिंता : बैठक में मुख्य रूप से शहर में जलजमाव के हालात पर चर्चा हुई। पार्षदों ने इस पर चिंता जताई और निदान को तत्काल कदम उठाने के लिए नगर आयुक्त को जिम्मा सौंपा। अभियंत्रण शाखा को कठघरे में खड़ा किया गया। नालों पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा। निर्माण एजेंसियों की मनमानी रोकने को कहा। अवैध निर्माण कर नाला का बहाव रोकने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने को कहा। नाला की सफाई के लिए स्पेशल टीम बनाने एवं सफाई वाहनों के नियंत्रण की व्यवस्था को ठीक करने की बात उठी। चर्चा में अजय ओझा, संतोष महाराज, राकेश कुमार सिन्हा, रूपक कुमारी, सुनिता भारती, अर्चना पंडित, हरिओम कुमार, संजय कुमार केजरीवाल, राजीव कुमार पंकू, रंजू सिन्हा, गीता देवी, रतन शर्मा, अब्दुल बाकी, पवन राम, केपी पप्पू, सुषमा देवी ने भाग लिया।

बैठक में लिए गए निर्णय

– प्रापर्टी टैक्स एवं स्टॉल किराया के बड़े एवं हठी बकाएदारों पर कार्रवाई करेगा निगम।

– आउटसोर्सिग एजेंसी के माध्यम से सफाई, प्रापर्टी टैक्स की वसूली एवं यूजर चार्ज की होगी वसूली।

– निगम की चल रही विकास योजनाओं को किया जाएगा तेजी से पूरा।

– जलापूर्ति कार्य में 15 वर्ष से अधिक पुराने पंप की जांच कर नया पंप लगाया जाएगा।

– निगम क्षेत्र में सड़क एवं फुटपाथ का अवैध अतिक्रमण करने वालों को किया जाएगा दंडित, बनेगी नियमावली।

– तिलक मैदान रोड स्थिति मार्केट को तोड़कर नया मार्केट बनाने काम तेजी से पूरा किया जाएगा।

– स्मार्ट सिटी अंतर्गत प्रस्तावित सड़क निर्माण को पथ परिवहन निगम गेट से धर्मशाला चौक तक सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले दोनों तरफ बने दुकानों को हटाया जाएगा।

– तीन दशक से निगम की सेवा कर रहे सभी स्थायी कर्मचारियों की सेवा की सम्पुष्टि की गई।

– तीन महीने से काम से गायब दैनिक एवं अतिरिक्त मजदूरों की सेवा की गई समाप्त।

– वैसे स्थायी कर्मचारी जो एक साल से बिना सूचना एवं उचित कारण के अनुपस्थित हैं, उनकी सेवा समाप्त की गई।

– वार्ड 49 स्थित राजपुत टोला में पीएचईडी द्वारा संपोषित जलापूर्ति पंप को निगम लेगा अपने अधीन।

– एलएस कॉलेज पंप हाउस में खड़ाब पड़े जेनरेटर की होगी मरम्मत।

पूर्व महापौर ने बैठक को अवैध बताया : पूर्व महापौर सुरेश कुमार ने शनिवार हो आहूत बोर्ड की बैठक को अवैध करार दिया है। उन्होंने कहा कि उपमहापौर मानमर्दन शुक्ला अविश्वास प्रस्ताव हार चुके हैं। वह अभी भी महापौर हैं। ऐसे में उनके अलावा किसी को भी बैठक बुलाने का अधिकार नहीं है। उनका मामला न्यायालय में है।

कर्मचारियों की सेवा संपुष्टि करने पर बधाई : बिहार लोकल बॉडिज इंपलाइज फेडरेशन ने नगर निगम के स्थायी कर्मचारियों की तीन दशक बाद सेवा संपुष्टि कर दिए जाने पर महापौर, पार्षदों एवं नगर आयुक्त को धन्यवाद दिया है। फेडरेशन के महामंत्री अशोक कुमार सिंह ने कहा कि तीन दशक से कर्मचारी अपने सेवा संपुष्टि के लिए संघर्ष कर रहे थे जो आज पूरा हो गई।

विवाद को नजरअंदाज कर विकास का काम करे पार्षद : बोर्ड की बैठक में शामिल नगर विधायक विजेंद्र चौधरी ने निगम स्वयं सरकार है। इसके बाद भी पार्षदों को काम नहीं होने पर रोना पड़ रहा है। यह ठीक नहीं। नगर आयुक्त वार्डवार पार्षदों की बात सुने उनकी समस्याओं को दूर करें। उन्होंने कहा कि पार्षद अगले सात माह तक विवाद से दूर रहकर विकास का काम करे। लंबित योजनाओं को पूरा करने पर ध्यान दें।

इनपुट : जागरण

15 thoughts on “मुजफ्फरपुर मे सभी वार्डो मे 25-25 लाख रुपये की विकास योजनाओं पर होगा काम”
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