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मुजफ्फरपुर : निःसंतानता के उपचार में देश की सबसे बड़ी फर्टिलिटी चैन इन्दिरा आईवीएफ ने एक लाख सफल आईवीएफ प्रक्रियाएं पूरी करके देश में बड़ा आयाम स्थापित किया है। 11 वर्षों में उच्च सफलता दर के साथ बड़ा मुकाम हासिल करने पर इन्दिरा आईवीएफ मुजफ्फरपुर सेंटर में जल, जीवन, हरियाली थीम के साथ जश्न मनाया गया। इस उपलब्धि को खास बनाने के लिए सेंटर में केक काटा गया तथा लाभान्वित और इलाजरत दम्पतियों को पौधा देकर उनका सम्मान कर उनके साथ के खुशियाँ बांटी गयी ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे मुजफ्फरपुर जिलाधिकारी

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी प्रणव कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने कहा कि इंदिरा आईवीएफ ने कई निःसंतान दमपंतियों की सूनी गोद भरने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । उन्होंने कहा की इंदिरा आईवीएफ रियायती दरों में दम्पतियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है जो की बहुत ही सारानीय कार्य है।

विशिष्ट अतिथि रहे सिविल सर्जन

जबकि विशिष्ट अतिथि सिविल सर्जन, मुजफ्फरपुर वीरेंद्र कुमार ने कहा कि इंदिरा आईवीएफ ने निःसंतानता के उपचार में हो रहे नवाचारों को अपनाया है जिससे दम्पतियों को अधिक लाभ हो रहा है। उन्होंने इंदिरा आईवीएफ के प्रयासों को मानवीय एवं अनूठा बताया।

मौके पर उपस्थित इंदिरा आईवीएफ के बिहार हेड डॉ. दयानिधि शर्मा ने कहा कि आज बढ़ते तनाव के चलते भी महिलाओ एवं पुरुषो में निःसंतानता की समस्या गंभीर रूप ले रही है । निःसंतानता के उपचार के लिए उचित समय पर व सही दिशा में उठाया गया कदम फायदेमंद साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि निःसंतानता को दूर करने में आधुनिक तकनीकों का प्रयोग काफी कारगर साबित हो रही है । डॉ. दयानिधि ने दंपतिओं से अपील की कि वो पौधे का नाम अपने बच्चों के नाम पर रखें ताकि उनके बच्चे का उम्र भी पेड़ के समान अधिक हो। उन्होंने कहा कि महिलाएं जिस प्रकार से अपने बच्चों को प्यार से संरक्षित करती हैं ठीक उसी प्रकार उन्हें पर्यावरण को भी संरक्षित करना चाहिए। डॉ. दयानिधि ने जल, जीवन, हरियाली अभियान पर भी प्रकाश डाला और सभी को संकल्प दिलाया की वह सब इस अभियान में संयुक्त प्रयत्न कर अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान के बारे में जागरूक करें।

इन्दिरा आईवीएफ मुजफ्फरपुर सेंटर हेड डाॅ. श्रुति बंका ने कहा कि कम समय में एक लाख सफल आईवीएफ प्रक्रियाएं पूरी करना मरीजों के विश्वास, सेवाभावी टीम और सटिक उपचार के निर्धारण के बिना संभव नहीं है। इस अवसर को सेलिब्रेट करने के लिए सेंटर में लाभान्वित दम्पतियों को बुलाकर उनके साथ केक काटा गया । यहां दम्पतियों ने इन्दिरा आईवीएफ के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए खुशी का इजहार भी किया ।

वहीं इंदिरा आईवीएफ, मुजफ्फरपुर की सीनियर डाॅ. रुनु कुमारी ने बताया कि मुजफ्फरपुर आईवीएफ केन्द्र से आसपास क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा हो रहा है। उन्होंने बताया कि यहाँ सभी तरह की फर्टिलिटी जांचें एवं इलाज प्रक्रिया उपलब्ध है।

निःसंतानता मे महिला-पुरुष दोनों की जाँच जरुरी

इस अवसर पर अपने संदेश में इंदिरा आईवीएफ ग्रुप के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. अजय मुर्डिया ने कहा कि निःसंतानता की समस्या तेजी से बढ़ रही है लेकिन अच्छी बात है कि इसका इलाज भी उपलब्ध है। विडंबना ये है कि जागरूकता के अभाव में ज्यादातर दम्पती उपचार नहीं करवा पाते हैं। निःसंतानता के लिए महिला को दोष दिया जाता है लेकिन इसके लिए पुरूष भी समान रूप से जिम्मेदार हो सकते हैं। इन्दिरा आईवीएफ की शुरूआत से ही हमारा लक्ष्य निःसंतानता की स्थिति में महिला-पुरूष दोनों की जांच करना रहा है ताकि कारण जानकर सही उपचार से दम्पती को संतान सुख की ओर अग्रसर किया जा सके। देष में 107 केन्द्रों के माध्यम से हमारा प्रयास है कि दम्पतियों को रियायती दरों में श्रेष्ठ निःसंतानता उपचार उनके आसपास उपलब्ध हो। 

इंदिरा आईवीएफ ग्रुप के सीईओ और सह-संस्थापक डॉ. क्षितिज मुर्डिया ने बधाई देते हुए कहा कि अत्याधुनिक तकनीकों, चिकित्सा और आईवीएफ विशेषज्ञों की कुशलता से इन्दिरा आईवीएफ ने आईवीएफ प्रक्रियाओं में असाधारण सफलता दर हासिल की है। ग्रुप ने नवीनतम सहायक प्रजनन तकनीकों जिसमें इलेक्ट्रॉनिक विटनेसिंग सिस्टम, क्लोज्ड वर्किंग चैम्बर, माइक्रोफ्लुइडिक्स के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर ध्यान केन्द्रित किया है।

इंदिरा आईवीएफ ग्रुप के सह-संस्थापक और निदेशक नितिज मुर्डिया ने कहा कि देश में ज्यादातर आईवीएफ उपचार प्रमुख शहरों में ही उपलब्ध है, इस कारण देश का बड़ा तबका निःसंतानता के इलाज से वंचित रह जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि आईवीएफ की सफलता दर काफी हद तक अत्याधनिक तकनीकों और उन्नत लैब पर भी निर्भर करती है। उन्होंने नवीन आविष्कारों पर जोर देते हुए कहा कि आज के दौर में आईवीएफ में 70-75 प्रतिशत सफलता दर प्राप्त की जा सकती है। जो कपल्स कुछ वर्षां बाद संतान सुख चाहते हैं वे क्रायोप्रिजर्वेशन सुविधा का लाभ ले सकते हैं।

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