मुंबई: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने हाई-प्रोफाइल मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) को ‘क्लीन चिट’ दे दी है. न्यूज एजेंसी एएनआई ने इस बारे में जानकारी दी है. आर्यन खान को पिछले साल मुंबई में एक क्रूज पर छापेमारी के दौरान एनसीबी ने कई अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया था और उनके पास ड्रग्स बरामद करने का दावा किया था. कई सप्ताह तक जेल में बंद रहने के बाद आर्यन खान को कोर्ट से जमानत मिली थी.ड्रग-ऑन-क्रूज मामले में एनसीबी ने शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को आरोपी नहीं बनाया गया है. एनसीबी के डीडीजी (ऑपरेशंस) संजय कुमार सिंह के एक बयान में कहा गया है कि आर्यन और मोहक को छोड़कर सभी आरोपियों के पास से नशीले पदार्थ बरामद किए गए. एनसीबी अधिकारी के बयान में कहा गया है कि 14 लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है. बाकी 6 लोगों के खिलाफ सबूतों के अभाव में शिकायत दर्ज नहीं की जा रही है.

क्या था पूरा मामला, क्यों हुई थी आर्यन की गिरफ्तारी?

आपको बता दें कि आर्यन खान को एनसीबी की टीम ने 2 अक्टूबर, 2021 की रात मुंबई के क्रूज शिप टर्मिनल से पकड़ा था. आर्यन खान के साथ उनके दोस्त अरबाज मर्चेंट को भी एनसीबी ने अपनी गिरफ्त में लिया था. एनसीबी का आरोप था कि मुंबई से गोवा जा रहे क्रूज शिप पर ड्रग्स पार्टी होने वाली थी और आर्यन खान इस पार्टी का हिस्सा बनने वाले थे. अरबाज के जूतों से ड्रग्स पकड़ी गई थी, हालांकि एनसीबी को आर्यन के पास के कोई नशीला पदार्थ नहीं मिली था.

मामले में आर्यन खान 26 दिन आर्थर रोड जेल में बंद रहे

आर्यन खान कुछ दिन तक एनसीबी की कस्टडी में रहे थे, फिर 7 अक्टूबर को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया. आर्यन को मुंबई की आर्थर रोल जेल में रखा गया था और अदालत से 2 बार उनकी जमानत याचिका खारिज हुई थी. आर्यन खान को 26 दिनों तक आर्थर रोड जेल में रहने के बाद 28 अक्टूबर, 2021 को कोर्ट से जमानत मिली थी. इस मामले में आर्यन खान के अलावा जिन 19 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, उनमें 2 को छोड़कर सभी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.

एनसीबी दिल्ली की एसआईटी कर रही थी केस की जांच

शुरुआत में मामले की जांच एनसीबी मुंबई ने की थी. बाद में, मामले की जांच के लिए डीडीजी (संचालन) संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में एनसीबी मुख्यालय से एक एसआईटी का गठन किया गया था, और 11 नवंबर, 2021 को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इस केस की जांच को अपने कब्जे में ले लिया था. इस साल मार्च में, विशेष अदालत ने आरोप पत्र दाखिल करने के लिए एनसीबी दिल्ली की एसआईटी को को 60 दिन का विस्तार दिया था.

Source : News18

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