पटना : रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीन लेने के मामले में सीबीआइ ने 23 सिंतबर, 2021 को पीइ (प्रारंभिक जांच) मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 2004-2009 के दौरान कई लोगों को रेलवे में समूह ‘डी’ पदों पर स्थापान्न के रूप में नियुक्त किया गया और बाद में उन्हें नियमित कर दिया गया.

ऐसा करते समय रेलवे की नियुक्ति संबंधी गाइडलाइन व निर्देशों का पालन नहीं किया. जांच में यह बात सामने आयी है कि रेलवे में नौकरी पाने वाले 12 लोग पटना जिले के निवासी हैं, लेकिन उन्हें मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर स्थित विभिन्न क्षेत्रीय रेलवे में ग्रुप डी के पदों नियुक्त किया गया. इसके बदले लालू प्रसाद के परिवार ने पटना के सात परिवारों से एक लाख पांच हजार 292 वर्गफुट जमीन हासिल की है. वर्तमान सर्किल रेट के हिसाब से इसकी कीमत चार करोड़ 39 लाख 80 हजार 650 रुपये है.

मामला-1

महुआबाद, पटना निवासी स्व. किशुन राय ( पिता स्व. जगदेवन राय) और सोनमतिया देवी (पति किशुन राय) ने पटना स्थित अपनी 3375 वर्गफुट जमीन छह फरवरी, 2008 को लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी के नाम पर ट्रांसफर कर दी. उस समय इसकी कीमत 3.75 लाख थी. जांच में पता चला कि स्व. किशुन राय के बेटे व पोते राज कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार व अजय कुमार को 2008 में सेंट्रल रेलवे, मुंबई में ग्रुप डी के पद पर नियुक्त किया गया था.

मामला-2

महुआबाद, पटना निवासी कामेश्वर राय के बेटे संजय राय, धर्मेंद्र राय व रवींद्र राय और पोते विकास कुमार (पिता रवींद्र राय) को 2008 में सेंट्रल रेलवे, मुंबई में ग्रुप डी के पद पर नियुक्त किया गया. इसके बदले उन्होंने छह फरवरी, 2008 को पटना स्थित अपनी 3375 वर्गफुट जमीन पूर्व सीएम राबड़ी देवी के नाम पर ट्रांसफर कर दी. उस समय इस जमीन की कीमत 3.75 लाख थी.

मामला-3

पटना जिले के बिहटा थाने के बिंदौल निवासी किरण देवी (पति अखिलेश्वर प्रसाद सिंह ) ने पटना स्थित एक एकड़ 85 डिसमिल (करीब 80905 वर्गफुट) जमीन को 28 नवंबर, 2007 को लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती के नाम पर ट्रांसफर कर दिया. उस समय इस जमीन की कीमत 3.70 लाख थी. जांच में पाया गया कि किरण देवी के बेटे अभिषेक कुमार को 2008 में सेंट्रल रेलवे, मुंबई में नियुक्त किया गया था.

मामला-4

महुआबाद, पटना निवासी हजारी राय (पिता स्व. राम चलितर राय) ने 21 फरवरी, 2007 को पटना स्थित अपनी 9527 वर्गफुट जमीन को दिल्ली की कंपनी एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर ट्रांसफर की. उस समय इसकी कीमत 10.83 लाख थी. जांच में पाया गया कि इनके दो भतीजों-दिलचंदकुमार और प्रेमचंद कुमार को 2006 में क्रमश: वेस्ट-सेंट्रल रेलवे, जबलपुर और साउथ -इस्टर्न रेलवे, कोलकाता में नियुक्त किया गया था. 2014 में एके इन्फोसिस्टम्स कंपनी की संपत्ति समेत सभी अधिकार लालू प्रसाद की बेटी व पत्नी को ट्रांसफर हो गये. राबड़ी देवी ने इस कंपनी के अधिकतर शेयर खरीद लिये और वह इसकी निदेशक बन गयीं.

मामला-5

महुआबाग, पटना निवासी स्व. लालबाबू राय (पिता राम चलितर राय) ने 23 मई, 2015 को पटना स्थित अपनी 1360 वर्गफुट जमीन राबड़ी देवी के नाम पर ट्रांसफर की. उस समय इस जमीन की कीमत 13 लाख थी. जांच में पाया गया कि लालबाबू के बेटे लालचंद कुमार को 2006 में नॉर्थ-इस्टर्न रेलवे, जयपुर में नियुक्त किया गया था.

मामला-6

महुआबाद, पटना निवासी बृजनंदन राय (पिता देवकी राय) ने 29 मार्च, 2009 को पटना स्थित 3375 वर्गफुट जमीन गोपालगंज जिला निवासी हृदयानंद चौधरी के नाम पर ट्रांसफर की. उस समय इस जमीन की कीमत 4.21 लाख थी. हृदयानंद चौधरी 2005 में इस्ट-सेंट्रल रेलवे, हाजीपुर में नियुक्त किया गया था. जांच में पता चला कि हृदयानंद चौधरी ने 28 फरवरी, 2014 को यह जमीन लालू प्रसाद की बेटी हेमा यादव को गिफ्ट कर दी, जबकि वह लालू प्रसाद को कोई रिश्तेदार नहीं था. उस समय सर्किल रेट के हिसाब से इस जमीन की कीमत 62.10 लाख थी.

मामला-7

महुआबाद, पटना निवासी विशुन राय (पिता देवकी राय) ने 29 मार्च, 2008 को पटना स्थित अपनी 3375 वर्गफुट जमीन सीवान जिले के ललन चौधरी के नाम पर ट्रांसफर की. जांच में पाया गया कि विशुन राय के पोते पिंटू कुमार को 2008 में सेंट्रल रेलवे, मुंबई में नियुक्त किया गया था. ललन चौधरी ने 28 फरवरी, 2014 को इस जमीन को लालू प्रसाद की बेटी हेमा यादव को गिफ्ट कर दी. सर्किल रेट के हिसाब से उस समय इस जमीन की कीमत 62.10 लाख थी.

Input : live hindustan

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