मुजफ्फरपुर जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
13 अप्रैल 2026 को आवेदिका नीटू देवी ने बरियारपुर थाना में आवेदन देकर अपने पति विगन राम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की जानकारी दी। आवेदन में आरोप लगाया गया कि गांव के कुछ लोगों ने खाना-पीना के दौरान जहरीला पदार्थ मिलाकर विगन राम को पिला दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इतना ही नहीं, साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को जला दिया गया और बचे हुए अवशेषों को जमीन में दफना दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बरियारपुर थाना में कांड संख्या 58/26 दर्ज किया गया और तुरंत जांच शुरू की गई। घटनास्थल से एफएसएल टीम द्वारा साक्ष्य संकलित किए गए, वहीं अधजले शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम व अन्य जांच के लिए अस्पताल भेजा गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पूर्वी-02 के नेतृत्व में तेजी से कार्रवाई की गई। जांच के दौरान पुलिस ने दो अभियुक्तों—राम प्रवेश पासवान उर्फ घुरन और गोरख पासवान उर्फ जितेंद्र पासवान—को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में प्रेम प्रसंग को लेकर हत्या की बात सामने आई है, हालांकि अन्य पहलुओं पर भी गहन जांच जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
इस त्वरित कार्रवाई से पुलिस ने न सिर्फ मामले का खुलासा किया, बल्कि कानून-व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी एक बार फिर साबित की है।
