शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत और नई सुविधा की शुरुआत होने जा रही है। अब मुजफ्फरपुर में मछली कारोबार को आधुनिक रूप देने के लिए चार प्रमुख स्थानों—भगवानपुर चौक, नीम चौक, लक्ष्मी चौक और संजय सिनेमा चौक—पर व्यवस्थित मछली बाजार विकसित किए जाएंगे। इन सभी स्थानों पर जमीन चिन्हित कर ली गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा उन विक्रेताओं को मिलेगा जो अभी तक सड़क किनारे या खुले में मछली बेचने को मजबूर हैं। अब उन्हें इन नए बाजारों में स्थायी दुकानें या निर्धारित स्थान उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनका व्यवसाय सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकेगा।
सबसे खास बात यह है कि इन बाजारों में मछली की बिक्री ‘सुधा आउटलेट’ की तर्ज पर आधुनिक डिजाइन वाले स्टॉल में होगी। यहां मछलियों को जिंदा रखने की व्यवस्था होगी, जिससे ग्राहक अपनी पसंद की ताजी और जीवित मछली चुन सकेंगे। साथ ही सही वजन और उचित कीमत की गारंटी भी मिलेगी।
इन आउटलेट्स में पक्के प्लेटफॉर्म, साफ-सफाई, बिजली और पानी जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे गर्मी और बारिश के मौसम में मछली खराब होने की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
सिर्फ कच्ची मछली ही नहीं, बल्कि यहां स्वादिष्ट फिश प्रोडक्ट भी ग्राहकों को आकर्षित करेंगे। फिश कटलेट, मछली कबाब, फिश फिंगर्स, झींगा फ्राई और मछली के अंडों से बने खास व्यंजन ‘गबोली डांगर’ जैसे लजीज आइटम भी एक ही छत के नीचे मिलेंगे।
यह परियोजना राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के तहत चलाई जा रही मुख्यमंत्री मत्स्य विपणन योजना का हिस्सा है। पूरे बिहार में 100 मछली बाजार विकसित किए जाने हैं, जिनमें पहले चरण में मुजफ्फरपुर समेत 9 जिलों में 30 बाजार बनाए जाएंगे।
फिलहाल शहर में मछली की बिक्री अनियोजित तरीके से होती है, जिससे ट्रैफिक जाम, गंदगी और दुर्गंध जैसी समस्याएं आम हैं। लेकिन नए बाजार बनने के बाद इन समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
जिला मत्स्य पदाधिकारी डॉ. रंधीर कुमार के अनुसार, “चारों स्थानों का चयन कर लिया गया है। बाजार प्रबंधन और किराया से जुड़ी गाइडलाइन का इंतजार है। यहां आधुनिक आउटलेट में मछली के साथ-साथ फिश प्रोडक्ट भी उपलब्ध होंगे।”
कुल मिलाकर, यह पहल न केवल शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि मछुआरों और विक्रेताओं की आय बढ़ाने के साथ आम लोगों को भी साफ-सुथरा और बेहतर खरीदारी अनुभव देगी।
