मुजफ्फरपुर, आमगोला रोड स्थित सुख शान्ति भवन में वुधवार को ब्रह्माकुमारीज मेडिकल विंग एवं रोटरी आम्रपाली के संयुक्त तत्वावधान में कार्डिएक अरेस्ट से बचाव के लिए संगोष्ठी आयोजित किया गया. जिसमे शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ नवीन कुमार ने विस्तार से लोगों को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि कार्डिएक अरेस्ट के लक्षण निम्न प्रकार हैं. जैसे सीने में दर्द होना, बेचैनी, सांस लेने में परेशानी,उल्टी, नाक, आंख से पानी एवं जलन, पीठ में दर्द इत्यादि. इसके बचाव में उन्होंने कहा कि संतुलित भोजन,फल, पत्तेदार सब्जी एवं हरी सब्जी का प्रचुर मात्रा में उपयोग करें. अल्कोहल एवं धूम्रपान से बचें. एक्सरसाइज सप्ताह में कम से कम 150 मिनट करें. तनाव से बचने के लिए मेडिटेशन करें और बीपी एवं शुगर को नियंत्रित रखें.

संचालन बीके डॉ फणीश चंद्र एवं धन्यवाद ज्ञापन बीके भास्कर भाई ने किया. मौके पर समाजसेवी एचएल गुप्ता, मोहन प्रसाद सिन्हा, अभिजीत पांडे, विद्यासागर सिंह, उदय कुमार. वंदना अग्रवाल, बीके पुष्पा, बीके सीता, बीके महेश, बीके भास्कर, बीके संजीव एवं अन्य उपस्थित थे. भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 20 लाख लोगों को इसकी ट्रेनिंग देशभर में दी गयी है।

कार्डिएक अरेस्ट से बचाव में फर्स्ट एड देकर लाखों लोगो की जान बचाई जा सकती है.फर्स्ट एड का नाम है सीपीआर (कार्डियक पलमोनरी रिसस्टसन) इसकी ट्रेनिंग डेमो देते हुए उन्होंने बताया कि की छाती के बाएं तरफ निप्पल के नीचे प्रेशर देना है, इसकी संख्या 100 से 120 प्रति मिनट होनी चाहिए एवं प्रेशर का दबाव 1 से 2 इंच गहरा होना चाहिए. इसके अलावा माउथ टू माउथ ब्रीदिंग भी देना है साथ में एस्पिरिन 300 एमजी की गोली तुरंत खिलानी चाहिए. इसके बाद उनको अस्पताल ले जाना चाहिए. जनमानस में इसकी जागरूकता होने से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है.

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