200 करोड़ का साइबर खेल: रिटायर्ड अफसर निकला ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड, पिता-पुत्र गिरफ्तार

200 करोड़ का साइबर खेल: रिटायर्ड अफसर निकला ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड, पिता-पुत्र गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर में साइबर अपराध का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बिहार सरकार का एक रिटायर्ड सांख्यिकी अधिकारी ही ठगी गिरोह का सरगना निकला। साइबर थाना पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल केस का खुलासा करते हुए पटना के राजीव नगर से पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है।


गिरफ्तार आरोपी प्रियरंजन शर्मा (60) अपने बेटे अनंत अमीष और पत्नी के साथ मिलकर पूरे साइबर फ्रॉड नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। पुलिस ने इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल, बैंक पासबुक, चेकबुक, मोहर और अन्य संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं।


💻 कैसे करते थे ठगी?
यह गिरोह खुद को पुलिस, सीबीआई और टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाता था।

• फोन कॉल और वीडियो कॉल के जरिए लोगों को डराया जाता
• फर्जी दस्तावेज और केस में फंसाने की धमकी दी जाती
• डर के माहौल में लोगों से लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लिए जाते

हाल ही में इस गिरोह ने एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी से 67 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया।


💰 200 करोड़ का संदिग्ध ट्रांजेक्शन
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों के पास FCRA से जुड़े चार बैंक खाते थे, जिनमें विदेश से करीब 200 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन के संकेत मिले हैं।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह एक दिन में करीब 4 करोड़ रुपये तक का ट्रांजेक्शन करता था।


🌐 देशभर में फैला नेटवर्क
इस साइबर गिरोह का जाल सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं था।

• देश के 28 राज्यों में शिकायतें दर्ज
• मुंबई क्राइम ब्रांच और पवई थाना में भी केस
• फर्जी कंपनियों और NGO के नाम पर खाते खोलकर ठगी

रकम को कई लेयर में ट्रांसफर कर ट्रेसिंग से बचने की कोशिश की जाती थी।


👮 पुलिस की कार्रवाई
एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने

• कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR)
• बैंक ट्रांजेक्शन
• डिजिटल लोकेशन

का गहन विश्लेषण कर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।


🔍 Tirhut Now Insight
👉 यह मामला बताता है कि साइबर अपराधी अब कितने संगठित और तकनीकी रूप से सक्षम हो चुके हैं।
👉 “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए तरीके आम लोगों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।

⚠️ सावधान रहें
किसी भी अनजान कॉल पर अपनी बैंक जानकारी साझा न करें
खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले कॉल्स से सतर्क रहें
किसी भी दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें