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बिहार में स्वास्थ्य विभाग की बहाली में बड़ा घोटाला सामने आया है. मुजफ्फरपुर में संविदा पर कर्मियों की बहाली में धांधली की बात सामने आने पर प्रशासन सख्त है. बहाली में पैसे लेन-देन के एक ऑडियो वायरल होने के बाद यह मामला गरमा चुका है. मामले की जांच जारी है. इस दौरान जांच में अब काफी कुछ सामने आ रहा है.

डीडीसी की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित ने बताया है कि सदर अस्पताल के एक लिपिक ने पैसे लेकर अपनी जाति के सौ से अधिक एएनएम की बहाली करवायी है.

मुजफ्फरपुर में बहाली के दौरान हुइ धांधली का मामला जब गरमाया तो डीएम ने जांच टीम बनाकर इस मामले की तहकीकात के आदेश दिये. वहीं इस बहाली के फर्जीवाडे की चर्चा पटना तक अभी है. जांच टीम ने कई ऐसे खुलासे किये हैं जो चौंकाने वाले हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हाल में ही मुजफ्फरपुर में एंटीजन किट आपूर्ती घोटाला सामने आया था. अब बहाली धांधली में जिस लिपिक पर अपनी जाति के सौ से अधिक एएनएम के बहाली का आरोप लगा है उसका कनेक्शन एंटीजन किट घोटाले से भी रहा है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जांच कमिटी की रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाला खुलासा किया गया है. जिसमें कहा गया है कि हाल में हुई बहाली में ऐसे लोगों को भी चयनित किया गया जो आवेदन देने या स्क्रीनिंग के लिए खुद उपस्थित नहीं रहे. उन्होंने व्हाट्सएप के जरिये अपने सर्टिफिकेट की कॉपी भिजवा दी और आराम से नौकरी पा ली. वहीं कई ऐसे मामले भी पकड़ में आए हैं जहां बिना आवेदन दिए ही नौकरी पा ली गयी है. अब जब 780 पदों पर बहाली हुई है तो केवल 204 आवेदन ही प्रस्तुत हो सका.

इस बहाली में जिलाधिकारी स्तर पर भी चकमा देने की साजिश का खुलासा हुआ है. दरअसल प्रावधान के अनुसार, बहाली करने वाली टीम में जिलापदाधिकारी द्वारा नामित एक अधिकारी भी शामिल किये जाते हैं. लेकिन बहाली में इस प्रक्रिया में भी खेल किया गया और बिना जिला पदाधिकारी को जानकारी दिए ही उनके द्वारा पूर्व में किये किसी दूसरे नियोजन के लिए नामित अधिकारी को इस बहाली के लिए गठित टीम का हिस्सा बता दिया गया.

इनपुट : प्रभात खबर

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