मुजफ्फरपुर की बूढ़ी गंडक नदी अब जल्द ही न केवल स्वच्छ और सुंदर होगी, बल्कि यह शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनेगी। वाराणसी के प्रसिद्ध गंगा आरती की तर्ज पर अखाड़ाघाट पर एक भव्य आरती मंच का निर्माण होने जा रहा है। रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट के तहत इस क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिसमें खेल के मैदान, साइकिल ट्रैक, छठ घाट, और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत आएगी, और इसका विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को भेजा जा चुका है।
रिवर फ्रंट: शहरवासियों के लिए नया मनोरंजन स्थल
बुडको (बिहार अर्बन डेवलपमेंट कंपनी) द्वारा तैयार डीपीआर के अनुसार, पहले चरण में मुक्तिधाम से लेकर सीढ़ीघाट और आश्रमघाट तक के क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत नदी किनारे 18 मीटर चौड़े छठ घाट और संकरे क्षेत्रों में कनेक्टिंग पाथवे बनाए जाएंगे, जिससे छठ पूजा और अन्य अवसरों पर श्रद्धालुओं को आवाजाही में सुविधा होगी। इसके अलावा, नदी तट पर गजेबो, कियोस्क स्टॉल, फूड कोर्ट, और कैंटीन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
नदी किनारे युवाओं और बच्चों के लिए नेटयुक्त क्रिकेट ग्राउंड, बैडमिंटन कोर्ट, और साइकिल ट्रैक का निर्माण होगा, जो शहरवासियों को स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली की ओर प्रेरित करेगा। यह रिवर फ्रंट न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा, बल्कि सैर-सपाटे और पिकनिक के लिए भी एक आदर्श स्थान होगा।
नदी को प्रदूषण से बचाने की पहल
बूढ़ी गंडक नदी में विभिन्न नालों से आने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए इस प्रोजेक्ट में विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए चार किलोमीटर लंबा नाला बनाया जाएगा, जिसे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जोड़ा जाएगा। इससे नदी का पानी स्वच्छ रहेगा, जलीय जीवन को खतरा कम होगा, और घाटों पर होने वाली दुर्गंध की समस्या से भी निजात मिलेगी। इस पहल से छठ पूजा और अन्य अवसरों पर घाटों की सफाई पर होने वाला भारी-भरकम खर्च भी कम होगा।
परियोजना की प्रगति और निरीक्षण
रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट का प्रस्ताव सितंबर 2024 में मेयर निर्मला देवी की अध्यक्षता में हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक में पारित हुआ था। इसके बाद जनवरी 2025 में नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने इस प्रस्ताव को नगर विकास विभाग को भेजा। डीपीआर तैयार करने से पहले बुडको और नगर निगम के इंजीनियरों की टीम ने सात-आठ बार स्थल का सर्वेक्षण किया। इस दौरान बुडको के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आशीष श्रीवास्तव, सहायक प्रोजेक्ट डायरेक्टर नारायण दुबे, और सिटी मैनेजर विष्णु प्रभाकर लाल सहित कई विशेषज्ञ शामिल रहे। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की टीम भी दो बार स्थल निरीक्षण कर चुकी है, जिससे परियोजना को जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
मेयर का बयान: शहर के लिए गर्व का क्षण
मेयर निर्मला देवी ने इस परियोजना को शहर के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा, “बूढ़ी गंडक नदी के किनारे को और आकर्षक बनाने के लिए रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट एक सपना है, जो अब हकीकत बनने जा रहा है। यह न केवल शहरवासियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि सैर, खेल, और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी एक शानदार स्थान होगा। डीपीआर केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को भेज दी गई है, और हमें जल्द ही इसकी मंजूरी की उम्मीद है।”
मुजफ्फरपुर के लिए नया अध्याय
यह रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट मुजफ्फरपुर के लिए एक नया अध्याय शुरू करने जा रहा है। यह न केवल नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाएगा, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को भी मजबूत करेगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बूढ़ी गंडक का किनारा न केवल धार्मिक आयोजनों का केंद्र होगा, बल्कि यह परिवारों, युवाओं, और पर्यटकों के लिए भी एक पसंदीदा गंतव्य बनेगा।