मुजफ्फरपुर में विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने गवाही देने में लगातार लापरवाही बरत रहे पुलिसकर्मियों पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने तत्कालीन डीएसपी और थानेदार समेत कुल 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। सभी को 9 मार्च तक गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया गया है।
विशेष एनडीपीएस कोर्ट-दो के न्यायाधीश नरेंद्र पाल सिंह ने यह कार्रवाई तब की, जब बार-बार समन और नोटिस के बावजूद संबंधित पुलिस अधिकारी व जवान कोर्ट में गवाही देने के लिए उपस्थित नहीं हुए। यह मामला कुढ़नी और सदर थाना क्षेत्र में दर्ज दो मादक पदार्थ जब्ती से जुड़े मामलों से संबंधित है।
पहला मामला कुढ़नी थाना क्षेत्र के गरहुआ चौक का है। करीब चार वर्ष पहले पुलिस ने रौशन कुमार नामक युवक को लोडेड कट्टा और 1.920 मिलीग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी, लेकिन साक्ष्य के दौरान कोई भी पुलिस गवाह अदालत में पेश नहीं हुआ।
इस मामले में कोर्ट ने तत्कालीन कुढ़नी थानाध्यक्ष अरविंद पासवान, तत्कालीन डीएसपी रक्षित विपिन नारायण शर्मा, आईओ विवेकानंद सिंह, एएसआई प्रकाश कुमार, गृहरक्षक कुमोद कुमार और दिनेश चौधरी के खिलाफ वारंट जारी किया है।
वहीं दूसरा मामला सदर थाना क्षेत्र के खबरा भेल कॉलोनी का है। अगस्त 2020 में पुलिस ने एटीएम फ्रॉड करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया था। छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से एक किलो चरस, एटीएम क्लोनिंग मशीन और नकदी बरामद हुई थी। इस केस में भी पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद पुलिसकर्मी गवाही देने अदालत नहीं पहुंचे।
इस मामले में कोर्ट ने केस के सूचक रघुवीर सिंह, आईओ राजेश कुमार यादव, सिपाही छोटेलाल सिंह, संजीव कुमार, गृहरक्षक अरविंद कुमार और धनिक कुमार राणा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है।
अदालत ने दोनों मामलों में अगली सुनवाई 9 मार्च को तय की है और तब तक सभी आरोपित पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है।

