मुजफ्फरपुर के मीनापुर थाना क्षेत्र की मझौलिया पंचायत में गुरुवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब हजरतपुर गांव स्थित वर्षों से बंद पड़ी चिमनी से एक 12 वर्षीय किशोर का सड़ा-गला शव मिला। मृतक की पहचान आदित्य राज के रूप में हुई—जो बीते 19 नवंबर से गायब था।
घटना ने न सिर्फ इलाके को दहला दिया है, बल्कि परिवार और स्थानीय समाज के बीच कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल—आदित्य गायब होने के बाद पिता ने गुमशुदगी की रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज कराई?
■ सोशल मीडिया पर ढूंढ रहे थे पिता, थाने में नहीं दी शिकायत
मुखिया जयकृष्ण प्रसाद के मुताबिक, पिता विजयी भगत ने आदित्य की गुमशुदगी की सूचना पुलिस को नहीं दी थी। वे सिर्फ सोशल मीडिया पर फोटो डालकर तलाश में जुटे थे। अब इस व्यवहार ने परिवार पर निगाहें टिका दी हैं।
■ बंद चिमनी से तेज दुर्गंध बनी खुलासा का कारण
दोपहर में पशु चराने गई एक महिला को चिमनी से दुर्गंध आई। जब ग्रामीण पहुंचे तो पता चला कि चिमनी के म्यान में किसी को ठूंसकर ईंट से ढक दिया गया था। पुलिस और FSL टीम ने पहुंचकर जांच शुरू की। शव की हालत इतनी खराब थी कि पहचान स्कूल ड्रेस से ही संभव हो पाई।
■ परिवारिक पृष्ठभूमि ने बनाए नए संदेह
विजयी भगत की दो शादियां हुई थीं।
पहली पत्नी से दो बच्चे
दूसरी पत्नी से आदित्य और एक छोटा बेटा
आदित्य की मां विभा देवी की पहले ही मौत हो चुकी है। घरेलू हालात और रिश्तों में तनाव का पहलू भी जांच के दायरे में आ गया है। पुलिस इस एंगल से भी पूछताछ कर रही है।
■ हत्या के तरीके से मिली क्रूरता की झलक
किशोर को चिमनी के म्यान में घुसाकर ऊपर से ईंटें लगा दी गई थीं, ताकि शव छिपा रहे। कई दिनों के बाद बदबू फैलने पर राज खुला। पुलिस इसे प्लांड क्राइम मानकर चल रही है।
■ जांच में जुटी पुलिस—कई एंगल पर काम
अंतिम बार किसके साथ देखा गया?
किसी रिश्तेदार या परिचित की भूमिका?
परिवारिक विवाद या प्रतिशोध?
क्या बच्चा अपहरण के बाद मारा गया?
FSL टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी अहम संकेत दे सकती है।

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