मुजफ्फरपुर के सिविल और फैमिली कोर्ट परिसर में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कई न्यायिक अधिकारियों के मोबाइल फोन पर आतंकी हमले की धमकी भरे संदिग्ध मैसेज पहुंचे। इस सनसनीखेज सूचना के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और पूरे कोर्ट परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर सघन जांच अभियान शुरू कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर कुछ जजों के मोबाइल पर ऐसे मैसेज आए, जिनमें कोर्ट परिसर को निशाना बनाकर आतंकी हमले की चेतावनी दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इसकी सूचना वरीय पुलिस अधिकारियों को दी गई। इसके बाद नगर एएसपी सुरेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
🏃♂️ एहतियातन खाली कराया गया कोर्ट परिसर
धमकी के मद्देनजर एहतियातन कोर्ट परिसर को तत्काल खाली कराने के निर्देश दिए गए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से वकीलों, न्यायिक कर्मियों और आम लोगों के बीच अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। देखते ही देखते पूरा कोर्ट परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए हर जरूरी कदम उठाए।
🔍 डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता तैनात
घटना की सूचना मिलते ही डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने कोर्ट परिसर के हर कोने की बारीकी से जांच की। पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी रही कि परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक मौजूद न हो। देर शाम तक तलाशी अभियान जारी रहा।
📅 पहले भी मिल चुकी है धमकी
गौरतलब है कि इससे पहले जनवरी 2026 में भी मुजफ्फरपुर सहित बिहार के कई कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस समय भी व्यापक जांच की गई थी, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला था और मामला फर्जी साबित हुआ था।
💻 साइबर जांच पर विशेष फोकस
इस बार पुलिस तकनीकी जांच पर विशेष ध्यान दे रही है। साइबर सेल की मदद से धमकी भरे मैसेज के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन या अन्य डिजिटल माध्यमों का सहारा लिया हो सकता है।
🛑 सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, लोगों से अपील
घटना के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। प्रवेश द्वारों पर सख्ती बढ़ा दी गई है और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
