बिहार सरकार ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सुलभ परिवहन सुविधा देने की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। राज्य में जल्द ही दिव्यांगजनों के लिए विशेष बस सेवा शुरू की जाएगी, जिससे करीब 23 लाख दिव्यांग नागरिकों को रोज़मर्रा की आवाजाही में बड़ी राहत मिलेगी। इस योजना की पायलट शुरुआत राजधानी पटना से की जाएगी।
🚍 बसों में मिलेंगी ये खास सुविधाएं
• इस विशेष बस सेवा को पूरी तरह दिव्यांग–अनुकूल बनाया जाएगा।
• व्हीलचेयर स्पेस और रैंप सिस्टम
• लो-फ्लोर एंट्री ताकि चढ़ना–उतरना आसान हो
• दृष्टि और श्रवण बाधितों के लिए ऑडियो अलर्ट और स्पष्ट साइनेज
• बसों में सुरक्षित हैंडरेल और विशेष सीटिंग व्यवस्था
💰 किराये में छूट, UDID कार्ड जरूरी
दिव्यांग यात्रियों को बस किराये में विशेष छूट या मुफ्त यात्रा का लाभ मिल सकता है। इसके लिए UDID कार्ड या मान्य पहचान पत्र अनिवार्य होगा। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक कारणों से कोई भी दिव्यांग व्यक्ति शिक्षा, रोजगार या स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
🚌 बस स्टॉप भी होंगे सुलभ
• सिर्फ बसें ही नहीं, बल्कि बस स्टॉप भी दिव्यांग–अनुकूल बनाए जाएंगे।
• रैंप, शेड और बैठने की व्यवस्था
• सुरक्षित पैदल पथ
• ताकि स्कूल, कॉलेज, दफ्तर और अस्पताल तक पहुंच और आसान हो सके
🏛️ आगे की प्रक्रिया क्या है?
योजना के अगले चरण में संशोधित टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
समाज कल्याण विभाग और परिवहन विभाग मिलकर इस पूरे मॉडल को अंतिम रूप देंगे। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इसे पूरे बिहार में लागू किया जाएगा।
✨ सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम
यह योजना सिर्फ परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि सम्मान, समानता और अधिकार की ओर एक मजबूत पहल है। दिव्यांगजनों के जीवन में यह सेवा आत्मविश्वास और स्वतंत्रता की नई राह खोलेगी।

