मुजफ्फरपुर में सनसनीखेज वारदात: अपहरण के बाद हत्या, रेलवे ट्रैक पर फेंका गया शव; पांच हिरासत में, गांव में उबाल

मुजफ्फरपुर में सनसनीखेज वारदात: अपहरण के बाद हत्या, रेलवे ट्रैक पर फेंका गया शव; पांच हिरासत में, गांव में उबाल

मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। महमदपुर बुजुर्ग गांव निवासी स्वर्गीय उमेश राय के पुत्र मनीष कुमार यादव का अपहरण कर बेरहमी से हत्या कर दी गई और पहचान छुपाने के उद्देश्य से शव को मनियारी थाना क्षेत्र के मधुवन गुमटी के पास रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया।


मनियारी थाना पुलिस ने 16 जनवरी को ट्रैक के समीप पड़े शव को बरामद कर अज्ञात मानते हुए पहचान के लिए प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप में तस्वीर साझा की थी। पहचान नहीं हो पाने के कारण शव को एसकेएमसीएच भेजा गया, जहां अंततः अज्ञात मानकर उसका दाह-संस्कार कर दिया गया। इधर, कई दिनों बाद जब मामले की परतें खुलीं तो मृतक की पहचान मनीष कुमार यादव के रूप में हुई।


पुलिस जांच में बड़ा खुलासा करते हुए बताया गया है कि एक होटल संचालक और उसके साथियों ने मिलकर मनीष का अपहरण किया था। इसके बाद होटल परिसर में ही उसकी हत्या कर दी गई। मामले के उजागर होते ही सकरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल संचालक सहित पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है।


घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर लोगों ने सड़क जाम कर दिया, जो करीब पांच घंटे तक जारी रहा। इस दौरान आवागमन पूरी तरह ठप रहा और इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही।


स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल की भारी तैनाती की गई है। सकरा अंचलाधिकारी पल्लवी कुमारी और डीएसपी पूर्वी मनोज कुमार सिंह स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं और लोगों को समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है, हालांकि आक्रोशित ग्रामीण फिलहाल मानने को तैयार नहीं हैं।


यह मामला न सिर्फ एक जघन्य अपराध की कहानी कहता है, बल्कि पहचान में देरी और प्रशासनिक चूक को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े करता है, जिनके जवाब अब जांच के दौरान सामने आने की उम्मीद है।