मुजफ्फरपुर। जिले के सिविल कोर्ट परिसर स्थित एडवोकेट्स एसोसिएशन के सभागार में वरीय अधिवक्ता एवं स्मृति-शेष रामशरण सिंह (रामशरण बाबू) की 91वीं जयंती श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर अधिवक्ताओं एवं समाजसेवियों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें याद किया।
कार्यक्रम में वरीय अधिवक्ता विजय कुमार शाही ने कहा कि रामशरण बाबू बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। उनका जीवन अनुशासन, संघर्ष और न्याय के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा है, जिससे आज की पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए। मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने उन्हें बिहार के अधिवक्ता समाज का सिरमौर बताते हुए कहा कि उनका नाम आज भी अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। उनका व्यक्तित्व और योगदान बेहद विराट रहा है।
बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष रविन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि जटिल से जटिल आपराधिक मामलों में भी रामशरण बाबू की याद स्वाभाविक रूप से आती थी। वे न केवल कुशल अधिवक्ता थे, बल्कि न्याय के प्रति अटूट आस्था रखने वाले व्यक्ति भी थे। एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार लाल की अध्यक्षता में केक काटा गया तथा रामशरण बाबू के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर राकेश कुमार सिंह उर्फ टुन्ना सिंह, संघ के पूर्व महासचिव राजीव रंजन, राजू रंजन, ललित कुमार, सोनू पाण्डेय, कबीर राज, प्रफुल्ल कुमार श्रीवास्तव, नेहा श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, मो. एहसान, अजय कुमार सहित सैकड़ों अधिवक्ता एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।

