पप्पू सहनी एनकाउंटर पर बवाल: मुकेश सहनी ने घेरा SSP ऑफिस, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

पप्पू सहनी एनकाउंटर पर बवाल: मुकेश सहनी ने घेरा SSP ऑफिस, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

मुजफ्फरपुर में एटीएम फ्रॉड गिरोह के आरोपी पप्पू सहनी के एनकाउंटर मामले को लेकर अब सियासी हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को वीआईपी (विकासशील इंसान पार्टी) के सुप्रीमो मुकेश सहनी ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ एसएसपी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर जांच की रफ्तार धीमी करने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जल्द खुलासा करने की मांग की।

प्रदर्शन से पहले मुकेश सहनी कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, जहां से सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ हाथों में काली पट्टी बांधकर जुलूस की शक्ल में एसएसपी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने एसएसपी से मुलाकात कर पप्पू सहनी एनकाउंटर मामले की जांच में तेजी लाने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद प्रशासन को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा करना चाहिए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।

मीडिया से बातचीत करते हुए मुकेश सहनी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पप्पू सहनी निर्दोष था और पुलिस ने उसे फर्जी एनकाउंटर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घायल होने के बाद उसके इलाज में भी लापरवाही बरती गई। सहनी ने कहा कि उन्होंने पहले भी इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी, लेकिन अब तक जांच की रफ्तार धीमी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।

गौरतलब है कि 17 फरवरी को मुजफ्फरपुर के बेला थाना क्षेत्र में एटीएम फ्रॉड गिरोह के आरोपी पप्पू सहनी को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में पुलिस टीम में शामिल एएसआई विकास कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें मुख्य आरोपी पप्पू सहनी भी घायल हो गया था। बाद में इलाज के दौरान करीब आठ घंटे बाद उसकी मौत हो गई।


पुलिस के मुताबिक पप्पू सहनी अपने भाई पंकज सहनी के साथ मिलकर साइबर और एटीएम फ्रॉड की वारदातों को अंजाम देता था। उत्तर बिहार के कई जिलों में दर्ज करीब 50 मामलों में दोनों भाइयों का नाम सामने आया है। हालांकि अब इस पूरे एनकाउंटर को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है और जांच पर सबकी नजर टिकी हुई है।