मुजफ्फरपुर सहित पूरे बिहार में ट्रैफिक चालान को लेकर परेशान वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। 14 मार्च को आयोजित होने वाली लोक अदालत में पहली बार ट्रैफिक ई-चालान मामलों की सुनवाई के लिए विशेष बेंच बैठाई जाएगी। यदि किसी वाहन चालक का चालान गलत पाया जाता है तो उसे माफ भी किया जा सकता है।
दरअसल, कई वाहन मालिकों ने शिकायत की थी कि बिना गलती के भी उनके नाम पर ई-चालान जारी कर दिए गए हैं। पिछले लोक अदालत में इन मामलों की सुनवाई के लिए अलग बेंच नहीं होने पर लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली थी। इसी को देखते हुए इस बार ट्रैफिक चालान मामलों के निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
परिवहन विभाग की ओर से सभी जिलों के डीटीओ को निर्देश भेजे गए हैं कि लंबित ई-चालान मामलों को लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाए, ताकि वाहन मालिकों को त्वरित राहत मिल सके। अधिकारियों का मानना है कि इससे हजारों लंबित मामलों का निपटारा एक ही दिन में संभव हो सकेगा।
आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच मुजफ्फरपुर जिले में कुल 9339 ई-चालान काटे गए थे, जिनकी कुल राशि लगभग 9 करोड़ 46 लाख रुपये से अधिक है। इनमें से करीब 2806 चालानों की राशि वाहन मालिकों द्वारा जमा भी की जा चुकी है, लेकिन अभी भी हजारों चालान लंबित हैं।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि लोक अदालत में आने वाले वाहन चालकों को अपने वाहन से जुड़े दस्तावेज और चालान की जानकारी साथ लानी होगी। यदि जांच में चालान गलत पाया जाता है तो उसे रद्द किया जा सकता है, जबकि सही मामलों में समझौते के आधार पर जुर्माना कम भी हो सकता है।
ऐसे में 14 मार्च की लोक अदालत उन लोगों के लिए बड़ा मौका बन सकती है, जो लंबे समय से गलत या लंबित ट्रैफिक चालान से परेशान हैं। अब देखना होगा कि इस पहल से कितने वाहन चालकों को राहत मिलती है और कितने मामलों का निपटारा एक ही दिन में हो पाता है।

