मुजफ्फरपुर में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी! तय दुकानों से ही किताब खरीदने का दबाव, डीएम ने दिए जांच के आदेश

मुजफ्फरपुर में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी! तय दुकानों से ही किताब खरीदने का दबाव, डीएम ने दिए जांच के आदेश

अप्रैल महीने के साथ नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होते ही मुजफ्फरपुर के कई प्राइवेट स्कूलों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि कुछ निजी विद्यालय बच्चों के लिए किताब और कॉपी खरीदने को लेकर मनमानी कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे केवल उन्हीं दुकानों से किताबें खरीदें, जिनका चयन स्कूल ने किया है।


अभिभावकों का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था से उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है। खुले बाजार में जहां किताबें सस्ती मिल सकती हैं, वहीं निर्धारित दुकानों पर कीमत अधिक होने की शिकायत भी सामने आ रही है। इससे मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों की परेशानी और बढ़ गई है।


इस पूरे मामले पर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने साफ तौर पर कहा है कि किताबों की खरीद के लिए बाजार पूरी तरह खुला है और किसी भी अभिभावक को किसी विशेष दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।


डीएम ने बताया कि प्रशासन को कई स्थानों से इस तरह की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्कूल के खिलाफ लिखित शिकायत मिलती है, तो जिला स्तर पर एक विशेष टीम गठित कर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित विद्यालय के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


हालांकि, जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि निजी स्कूलों के संचालन के अपने नियम और मानक होते हैं, जिनका पालन करना जरूरी है। लेकिन किसी भी स्थिति में अभिभावकों या छात्रों पर अनुचित दबाव डालना स्वीकार्य नहीं है।