भारत की जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में सोमवार को मकान सूचीकरण और मकान गणना से संबंधित जिला एवं चार्ज स्तरीय अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जिसके आधार पर सरकार की विभिन्न योजनाएं और नीतियां तय की जाती हैं। इसलिए इस कार्य को पूरी पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्ध तरीके से पूरा करना बेहद जरूरी है।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में कराई जाएगी, जिससे डेटा संग्रहण अधिक तेज, पारदर्शी और त्रुटिरहित होगा। इसके लिए अधिकारियों और कर्मियों को तकनीकी प्रक्रियाओं की बेहतर समझ होना आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तर से नामित प्रशिक्षक कीर्ति सिंह और नीतू कुमारी ने प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना का कार्य “जनगणना 2027–HLO” मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। अधिकारियों को आईडी-पासवर्ड निर्माण, ऐप संचालन और CMMS पोर्टल के उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई।
इस बार नागरिकों को पहली बार स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी दी जा रही है। इसके तहत लोग 17 अप्रैल से 1 मई 2026 के बीच ऑनलाइन अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 2 मई से 31 मई 2026 तक जनगणना अधिनियम 1948 के तहत मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक परिवार से कुल 34 बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जाएगी।
प्रशिक्षण में बताया गया कि लगभग 700 से 800 आबादी पर एक हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) बनाया जाएगा, जबकि छह एचएलबी को मिलाकर एक पर्यवेक्षकीय सर्किल तैयार होगा, जिससे पूरे कार्य की प्रभावी निगरानी की जा सके।
यह प्रशिक्षण दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहला बैच 9 से 11 मार्च तक और दूसरा बैच 12 से 14 मार्च तक चलेगा, जिसमें जिला, प्रखंड और नगर निकायों के अधिकारी एवं तकनीकी सहायक भाग लेंगे।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता (राजस्व) सह जिला जनगणना अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी व पश्चिमी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
