उत्तर बिहार की आर्थिक राजधानी मुजफ्फरपुर के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद पताही एयरपोर्ट के विकास की दिशा में ठोस पहल करते हुए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने रनवे के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण के लिए करीब 43 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया है। इस फैसले को जिले में नियमित हवाई सेवा शुरू होने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।
जारी टेंडर के तहत रनवे को आधुनिक तकनीकी मानकों के अनुरूप मजबूत बनाया जाएगा। इसके अलावा आवश्यक मरम्मत, सतह सुधार और सुरक्षा मानकों को उन्नत करने का कार्य किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि रनवे का सुदृढ़ीकरण पूरा होते ही एयरपोर्ट संचालन की राह में सबसे बड़ी तकनीकी बाधा दूर हो जाएगी। वर्षों से उपेक्षित पड़ी पताही हवाई पट्टी अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए तैयार होगी।
टेंडर की सूचना मिलते ही स्थानीय व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं में उत्साह की लहर दौड़ गई है। ‘लीची की राजधानी’ के रूप में प्रसिद्ध मुजफ्फरपुर के लिए यह परियोजना आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एयरपोर्ट चालू होने पर लीची के निर्यात को नई गति मिलेगी, साथ ही वस्त्र उद्योग और अन्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक सीधी पहुंच मिल सकेगी।
इसका लाभ आसपास के जिलों—सीतामढ़ी और शिवहर—को भी मिलेगा। यात्रियों को अब हवाई सफर के लिए पटना या दरभंगा का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि हवाई सेवा शुरू होने से पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से पताही एयरपोर्ट का विकास उत्तर बिहार के आर्थिक परिदृश्य को नई ऊंचाई दे सकता है।
