मुजफ्फरपुर के गायघाट थाना क्षेत्र के असिया गांव में देर रात पुलिस छापेमारी के दौरान हुई गोलीबारी ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस घटना में एक ग्रामीण की मौत हो गई है, जबकि पुलिस और ग्रामीणों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
पुलिस के मुताबिक, गायघाट थाना कांड संख्या 343/23, जो पोक्सो से जुड़ा मामला बताया जा रहा है, उसमें नामजद अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम छापेमारी करने असिया गांव पहुंची थी। पूर्वी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पूर्वी-1) अलय वत्स ने बताया कि रेड के दौरान ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। पुलिस टीम पर पथराव किया गया और गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया। इस दौरान दो पुलिस अधिकारी और दो जवान घायल हो गए।
अलय वत्स के अनुसार, हालात बेकाबू होते देख पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरी तरफ से भी फायरिंग की आवाजें आईं, जिसके बीच एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली।
हालांकि, दूसरी ओर ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं का दावा बिल्कुल अलग है। उनका आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान अनावश्यक बल प्रयोग किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि 60 वर्षीय जगत वीर राय ने जब पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, तो थाना अध्यक्ष ने उन्हें काबू करने के दौरान पिस्टल मुंह में डाल दी और इसी दौरान कथित रूप से गोली चल गई। गोली उनके मुंह और गर्दन को चीरते हुए पास में बैठे एक भैंस को भी लगी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। तनाव को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले की सच्चाई सामने लाएगी।
