मुजफ्फरपुर ‘ब्लू ड्रम कांड’ में बड़ा फैसला:  अदालत से आरोपी सुभाष शर्मा को उम्रकैद, 50 हजार जुर्माना।

मुजफ्फरपुर ‘ब्लू ड्रम कांड’ में बड़ा फैसला:  अदालत से आरोपी सुभाष शर्मा को उम्रकैद, 50 हजार जुर्माना।

बिहार के मुजफ्फरपुर में सनसनी फैलाने वाले बहुचर्चित ‘ब्लू ड्रम कांड’ में आखिरकार अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। एडीजे-16 प्रभात कुमार की अदालत ने इस जघन्य हत्याकांड के मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में कोर्ट के फैसले के बाद न्याय की प्रक्रिया अपने निर्णायक मुकाम पर पहुंची।


यह दिल दहला देने वाली घटना सितंबर 2021 की है। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बालूघाट मोहल्ले में 18 सितंबर की रात एक घर में अचानक विस्फोट और आग लगने की सूचना मिली थी। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान घर के अंदर रखे एक क्षतिग्रस्त नीले ड्रम से तेज दुर्गंध आने पर जब उसकी जांच की गई, तो उसमें से एक शव बरामद हुआ। जांच में खुलासा हुआ कि शव को पहले टुकड़ों में काटा गया था और फिर उसे रसायनों के साथ ड्रम में बंद कर दिया गया था।


पुलिस जांच में सामने आया कि दीपक सहनी (बदला हुआ नाम) की हत्या उसकी पत्नी प्रभावती देवी (बदला हुआ नाम) और उसके प्रेमी सुभाष शर्मा ने मिलकर की थी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए नमक, ब्लीचिंग पाउडर और फिनाइल समेत कई रसायनों का इस्तेमाल किया गया, ताकि शव गल जाए और अपराध छिपा रहे। लेकिन रसायनों के आपसी रिएक्शन से ड्रम में विस्फोट हो गया और आग लगने से पूरा राज खुल गया।


19 सितंबर 2021 को मृतक के भाई के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसमें सात लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। पुलिस ने ठोस साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान सुभाष शर्मा ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। वह घटना के बाद से न्यायिक हिरासत में था और उसकी जमानत याचिका उच्च न्यायालय से दो बार खारिज हो चुकी थी।


लंबी सुनवाई और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुभाष शर्मा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस फैसले को न्याय की बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।