DM का बड़ा एक्शन: SKMCH की नर्स रिश्वत लेते पकड़ी गई, तत्काल निलंबित – DM ने दिए आरोप गठन के निर्देश

DM का बड़ा एक्शन: SKMCH की नर्स रिश्वत लेते पकड़ी गई, तत्काल निलंबित – DM ने दिए आरोप गठन के निर्देश

भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई”— जिलाधिकारी सुब्रत कुमार से

मुजफ्फरपुर | 4 दिसंबर 2025

जिले के सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) के प्रसव विभाग में तैनात एक नर्स द्वारा रिश्वत लेने का मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए संबंधित नर्स को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

शिकायत के बाद शुरू हुई त्वरित जांच

प्रसव विभाग में ड्यूटी पर तैनात नर्स छाया कुमारी (श्रेणी ‘ए’) पर एक मरीज के परिजन से अवैध धनराशि लेने का गंभीर आरोप लगा था। मामले के संज्ञान में आते ही जिलाधिकारी ने तत्काल जांच समिति गठित की।

समिति ने— गवाहों के बयान, मौके की सत्यापन रिपोर्ट, उपलब्ध साक्ष्यों तथा नर्स के कार्य व्यवहार …की विस्तृत जांच की। रिपोर्ट में रिश्वत लेने के आरोप सही पाए गए।

नर्स निलंबित, विभागीय कार्रवाई शुरू

जांच रिपोर्ट के आधार पर नर्स को बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005 के तहत निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, आरोप गठन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है।

एसकेएमसीएच के अधीक्षक द्वारा इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है।

डीएम का सख्त संदेश: “भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं

जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने साफ कहा—

> “सरकारी अस्पतालों में मरीज सम्मान और गुणवत्तापूर्ण उपचार के हकदार हैं। किसी भी अस्पताल में भ्रष्टाचार, अनियमितता या मरीजों से गलत व्यवहार बिल्कुल स्वीकार्य नहीं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई तय है।”



उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि—

अस्पतालों में पारदर्शिता, मरीजों को समय पर दवा, जांच और परामर्श, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और संवेदनशील व्यवहार …प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक सुधार के प्रयास

डीएम लगातार अस्पतालों के दौरे और मॉनिटरिंग के माध्यम से—

सेवा गुणवत्ता, आधारभूत ढांचे, मरीज सुविधाओं तथा सरकारी प्रोटोकॉल के पालन …को बेहतर बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से एक स्पष्ट संदेश गया है कि गलत आचरण करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

जनता का विश्वास बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

निलंबन की यह कार्रवाई न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आम लोगों में सरकारी अस्पतालों के प्रति भरोसा भी मजबूत करेगी।