मुजफ्फरपुर में शराबबंदी को ठेंगा: उत्पाद विभाग ने 300 कार्टन अवैध शराब के साथ एक को दबोचा, मुख्य सरगना फरार।

मुजफ्फरपुर में शराबबंदी को ठेंगा: उत्पाद विभाग ने 300 कार्टन अवैध शराब के साथ एक को दबोचा, मुख्य सरगना फरार।

बिहार में शराबबंदी कानून को लागू हुए भले ही कई साल बीत चुके हों, लेकिन शराब तस्करों के हौसले कम होने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले का है, जहां उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 कार्टन अवैध शराब बरामद की है। इस छापेमारी में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि तस्करी का मुख्य संचालक मौके से फरार हो गया। यह घटना करजा थाना क्षेत्र के सलाहपुर की है, जहां शराब माफिया ने नए तरीके अपनाकर अपना काला धंधा जारी रखा था।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
उत्पाद थाना अध्यक्ष दीपक कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि करजा थाना क्षेत्र में एक गोडाउन में अवैध शराब का बड़ा जखीरा छिपाया गया है। सूचना के आधार पर तुरंत एक विशेष टीम गठित की गई और छापेमारी शुरू की गई। मौके पर पहुंचते ही टीम को एक टीन शेड से बना गोडाउन दिखा, जिसे तस्करों ने शराब भंडारण के लिए इस्तेमाल किया था। गहन तलाशी के दौरान सैकड़ों कार्टन में भरी अवैध शराब बरामद हुई।

300 कार्टन शराब जब्त, एक गिरफ्तार
पुलिस ने मौके से 300 कार्टन अवैध शराब को जब्त कर लिया और वहां मौजूद केयरटेकर को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान जैतपुर थाना क्षेत्र के रेपुरा निवासी राजू कुमार के रूप में हुई है। हालांकि, इस गोडाउन का असली मालिक और तस्करी का मास्टरमाइंड भागने में कामयाब रहा। पुलिस अब फरार संचालक और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।


शराब माफिया का बड़ा नेटवर्क?
उत्पाद थाना निरीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि जब्त शराब में अलग-अलग ब्रांड शामिल हैं, जो इस बात का संकेत देते हैं कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है। उनका मानना है कि यह गोडाउन शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का हिस्सा था, जहां से आसपास के इलाकों में शराब की सप्लाई की जाती थी। उन्होंने कहा, “हमने एक आरोपी को पकड़ा है और फरार संदिग्धों की धरपकड़ के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है।

शराबबंदी पर सवाल
बिहार में 2016 से शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में तस्कर लगातार इसकी धज्जियां उड़ा रहे हैं। प्रशासन और पुलिस की सख्ती के बावजूद माफिया नए-नए हथकंडे अपनाकर शराब का कारोबार चला रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर शराबबंदी की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल, पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क के पूरे तार खोले जा सकें और शराब तस्करी पर लगाम लगाई जा सके।

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