अप्रैल महीने के साथ ही शादी-विवाह का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। 14 अप्रैल को सतुआनी के साथ खरमास समाप्त हो जाएगा और 16 अप्रैल से एक बार फिर विवाह के शुभ मुहूर्तों की शुरुआत हो जाएगी। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में शहनाइयों की गूंज और शादी समारोहों की रौनक लौटने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, अप्रैल माह में विवाह के लिए 16, 18, 19, 20, 21, 22, 25, 26, 27, 29 और 30 तारीख को शुभ मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं। वहीं 14 अप्रैल को सतुआनी पर्व पूरे बिहार समेत पूर्वी भारत में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और किसान इसे नए कृषि चक्र की शुरुआत के रूप में भी देखते हैं।
इस बीच 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे सनातन परंपरा में अत्यंत शुभ और फलदायी दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी नष्ट नहीं होता। लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदने, विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों की शुरुआत को विशेष महत्व देते हैं।
अप्रैल के अंतिम सप्ताह में धार्मिक आयोजनों की भी धूम रहेगी। 25 अप्रैल को सीता नवमी के अवसर पर जानकी जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जिसे लेकर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और कार्यक्रम आयोजित होंगे।
कुल मिलाकर, खरमास की समाप्ति के साथ ही अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों के लिए बेहद खास रहने वाला है, जिससे बाजारों में भी रौनक बढ़ने की संभावना है।

