बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के पहले दिन से ही जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद नजर आया। परीक्षा को स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासनिक और पुलिस महकमे ने सख्त व्यवस्था लागू की है। पहले ही दिन कई परीक्षा केंद्रों पर शीर्ष अधिकारियों ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने प्रथम पाली के दौरान प्रभात तारा विद्यालय, सर सैयद अली गर्ल्स हाई स्कूल, आरबीबीएम कॉलेज समेत कई परीक्षा केंद्रों का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और केंद्रों पर अनुशासन की स्थिति की गहन समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वहीं, जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्र ने संयुक्त रूप से बी.बी. कॉलेजियट स्कूल, मुखर्जी सेमिनरी हाई स्कूल सहित अन्य केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने परीक्षार्थियों की प्रवेश प्रक्रिया, फ्रिस्किंग व्यवस्था, दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती तथा परीक्षा संचालन के मानकों के अनुपालन की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान परीक्षा केंद्रों पर सघन फ्रिस्किंग व्यवस्था को विशेष रूप से परखा गया। परीक्षार्थियों को प्रवेश से पूर्व कड़ी तलाशी के बाद ही परीक्षा भवन में प्रवेश दिया जा रहा था। महिला परीक्षार्थियों की जांच के लिए महिला पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की गई थी, जिससे किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री के प्रवेश की संभावना समाप्त हो सके।
इसके साथ ही सभी परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की भी जांच की गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक केंद्र के मुख्य द्वार, परीक्षा कक्ष एवं संवेदनशील स्थलों पर लगे कैमरे सुचारू रूप से कार्यरत हों और उनकी लाइव मॉनिटरिंग की जा रही हो। किसी भी तकनीकी खामी की स्थिति में तत्काल सुधार के निर्देश भी दिए गए।
परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल की पर्याप्त तैनाती रही। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि परीक्षा अवधि के दौरान केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगने दी जाए तथा निषेधाज्ञा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
प्रमंडलीय आयुक्त ने केंद्राधीक्षकों और तैनात दंडाधिकारियों से संवाद करते हुए परीक्षा नियमावली का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या कदाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कदाचार से जुड़ी किसी भी शिकायत पर त्वरित और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि 02 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए जिले में कुल 81 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां हजारों परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व ही जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी केंद्राधीक्षकों, दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की विस्तृत ब्रीफिंग की गई थी तथा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) से अवगत कराया गया था।
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि पारदर्शी, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त परीक्षा संपन्न कराना प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा अवधि के दौरान निरंतर निगरानी रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस सख्ती और सतर्कता का असर पहले ही दिन परीक्षा केंद्रों पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जिससे परीक्षार्थियों में भी विश्वास का माहौल बना हुआ है।
