मुजफ्फरपुर, 5 अप्रैल 2025: लंगट सिंह कॉलेज, मुजफ्फरपुर में सम्राट अशोक की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर स्नातकोत्तर सत्र 2024-26 के नव नामांकित छात्रों के लिए स्वागत सह इंडक्शन कार्यक्रम और “स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत” विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में शहर के प्रख्यात शल्य चिकित्सक व समाजसेवी डॉ. हरिनारायण भारद्वाज और रामकृष्ण मिशन, मुजफ्फरपुर के सचिव स्वामी भावात्मानंद जी महाराज शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय ने की।
मुख्य अतिथि का संबोधन: शिक्षा का व्यापकीकरण पर जोर
मुख्य अतिथि प्रो. संजय कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में छात्रों को आधुनिक शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के लक्ष्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षा का व्यापकीकरण इस नीति का मूल उद्देश्य है। उन्होंने छात्रों को मूक पाठ्यक्रमों और स्वयं पोर्टल जैसे ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही, नियमित कक्षा में भाग लेने, पुस्तकालय में समय बिताने और व्यसन-मुक्त स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
प्राचार्य का स्वागत संबोधन: सामाजिक जिम्मेदारी पर बल
प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में नवागत छात्रों का स्वागत किया और उन्हें कॉलेज के नियमों, परंपराओं और शैक्षणिक माहौल से परिचित कराया। उन्होंने छात्रों से व्यक्तिगत लक्ष्यों के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण और जीवनशैली में सुधार जैसे सामाजिक व राष्ट्रीय मुद्दों पर सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। प्रो. राय ने कहा, “युवा पीढ़ी को केवल अपने लक्ष्यों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए।
विशिष्ट अतिथियों के विचार
स्वामी भावात्मानंद महाराज ने छात्रों को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा, “युवा देश का भविष्य हैं। उनकी ऊर्जा और रचनात्मकता राष्ट्र की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है।” वहीं, डॉ. हरिनारायण भारद्वाज ने जोर देकर कहा कि किसी भी राष्ट्र की उन्नति उसकी युवा पीढ़ी की उद्यमशीलता और क्षमता पर निर्भर करती है। उन्होंने स्वस्थ समाज को समृद्ध राष्ट्र की नींव बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ और सांस्कृतिक प्रस्तुति
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और प्राचार्य द्वारा औपचारिक स्वागत से हुई। प्रो. राय ने अतिथियों के साथ परिसर में स्थित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया। छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसने कार्यक्रम में रंग भर दिया।