मुजफ्फरपुर, 3 फरवरी 2026। जिले में शत-प्रतिशत किसान निबंधन और ई-केवाईसी सुनिश्चित करने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने फार्मर रजिस्ट्री और पीएम किसान सम्मान निधि योजना की प्रगति में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में गायघाट अंचल के राजस्व कर्मचारी प्रभात किरण राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि औराई, कटरा व गायघाट प्रखंडों के कुल 18 कर्मियों का वेतन बंद करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मंगलवार को जिलाधिकारी ने कटरा, औराई और गायघाट प्रखंडों का भ्रमण कर प्रखंड कार्यालयों में समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक हलका में पीएम किसान योजना से जुड़े किसानों का कम से कम 50 प्रतिशत और ओवरऑल 70 प्रतिशत निबंधन हर हाल में बुधवार की शाम तक पूरा किया जाए। वहीं शनिवार तक 100 प्रतिशत निबंधन व ई-केवाईसी सुनिश्चित करने का अल्टीमेटम दिया गया है। डीएम ने दो टूक कहा कि लक्ष्य से पीछे रहने वाले कर्मियों के खिलाफ निलंबन अथवा नियोजन-मुक्ति जैसी कठोर कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि 2 से 6 फरवरी तक जिले में किसान निबंधन का महा अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान राजस्व कर्मचारी, सर्वे अमीन, विकास मित्र, जीविका कर्मी, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार मिशन मोड में कार्य कर रहे हैं। डीएम ने पंचायतवार छूटे किसानों की सूची तैयार कर उन्हें फोन के माध्यम से सूचित करने और वसुधा केंद्रों व विशेष शिविरों के जरिए निबंधन कराने का निर्देश दिया।
आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को जिले में 10,171 किसानों का निबंधन हुआ। अब तक कुल 1,79,003 किसानों का रजिस्ट्रेशन पूरा किया जा चुका है, जिनमें से 1,09,077 किसान पीएम किसान सम्मान निधि के लाभुक हैं। बोचहा, बरूराज और सरैया प्रखंडों का प्रदर्शन बेहतर रहा, जबकि मुरौल, सकरा और साहेबगंज की प्रगति कमजोर पाई गई, जिस पर वरीय अधिकारियों को कैंप कर सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं।
गायघाट अंचल में फार्मर रजिस्ट्रेशन में मात्र 10 प्रतिशत उपलब्धि और राजस्व मामलों में लापरवाही सामने आने पर डीएम ने प्रभात किरण राय को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया। वहीं तीनों प्रखंडों के 18 कर्मियों का वेतन बंद कर प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहे।
