रामनवमी के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की कड़ी तैयारी, जारी किए सख्त निर्देश।

रामनवमी के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की कड़ी तैयारी, जारी किए सख्त निर्देश।

रामनवमी पर्व के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस क्रम में जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन और वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने समाहरणालय सभागार में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप विभिन्न एहतियाती उपायों और सावधानियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

अधिकारियों को सख्त निर्देश
जिला पदाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को निर्धारित स्थलों पर समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी निभाने का सख्त निर्देश दिया। अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को अधिकारियों की उपस्थिति की निगरानी करने का जिम्मा सौंपा गया।

शांति समिति की बैठक और सोशल मीडिया पर नजर
एसडीओ और एसडीपीओ को थाना स्तर पर शांति समिति की बैठक आयोजित करने और सरकारी दिशा-निर्देशों से अवगत कराने का निर्देश दिया गया ताकि पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जुलूस और डीजे पर प्रतिबंध
बैठक में स्पष्ट किया गया कि बिना लाइसेंस के कोई जुलूस नहीं निकाला जाएगा। प्रत्येक जुलूस की कड़ी निगरानी और सावधानी के साथ एस्कॉर्टिंग की जाएगी ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। पर्व के दौरान डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जिसके अनुपालन के लिए थानाध्यक्षों को सख्ती बरतने और SDO-SDPO को इसकी निगरानी करने का निर्देश दिया गया।

मेला और सुरक्षा व्यवस्था
रामनवमी के दौरान मेला आयोजन, झूले और ‘मौत का कुआं’ जैसी गतिविधियों के लिए अनुमति अनिवार्य होगी। इसके लिए मानक सुरक्षा व्यवस्था का पालन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान सभी थानाध्यक्षों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचलाधिकारियों (CO) को अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रहने, सतर्कता बरतने और संवेदनशील स्थलों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया। पूर्वी और पश्चिमी अनुमंडल के SDO और SDPO को पर्व की प्रभावी मॉनिटरिंग और संवेदनशील स्थानों पर अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने का जिम्मा सौंपा गया।


ड्रोन और वीडियोग्राफी से निगरानी
पर्व के दौरान ड्रोन, वीडियोग्राफी और नियंत्रण कक्ष के माध्यम से सतत निगरानी की व्यवस्था की गई है। असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई होगी।


आपातकालीन तैयारियां
आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड में रखने, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को एंबुलेंस व आवश्यक दवाओं के साथ तैयार रहने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया गया। नगर आयुक्त और कार्यपालक पदाधिकारियों को साफ-सफाई और पेयजल की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।


ट्रैफिक और बिजली व्यवस्था
डीएसपी (यातायात) को ट्रैफिक की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने और बिजली विभाग को जुलूस मार्गों पर लूज वायर की जांच कर व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया। जिला प्रशासन और पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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