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गुलशन कुमार (Gulshan Kumar)…ये एक ऐसा नाम है जिन्होंने अपने जीते जी एक ऐसी कंपनी खड़ी कर दी जो म्यूजिक इंडस्ट्री में पहले पायदान पर खड़ी होती है. हालांकि, वो अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उन्होंने जिस ‘टी-सीरीज’ (T-Series) कंपनी की नींव रखी थी आज वो अरबों की कंपनी हो गई है. गुलशन कुमार की आज बर्थ एनिवर्सरी (Birth Anniversary) है. गुलशन कुमार का जन्म एक पंजाबी परिवार में साल 1956 में दिल्ली में हुआ था. उन्होंने दिल्ली के देशबंधु कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की थी. दिल्ली के दरियागंज इलाके में उनके पिता चंद्रभान की एक जूस की दुकान थी. इसी दुकान पर वो अपने पिता के साथ काम करते थे.

गुलशन कुमार ने साल 1975 में सुदेश कुमारी से विवाह किया जिनसे उन्हें तीन बच्चे हुए भूषण कुमार, तुलसी कुमार और खुशाली कुमार. गुलशन कुमार के एक छोटे भाई भी हैं जिनका नाम किशन कुमार है, वो फिल्मों में बतौर हीरो भी आ चुके हैं. हालांकि, वो अब फिल्में प्रोड्यूस करते हैं.

जूस की दुकान पर पिता के साथ करते थे गुलशन कुमार काम

वो पिता के साथ काम करते-करते पूरी तरह से ऊब चुके थे इसीलिए उनके पिता ने एक दिन एक और दुकान ली जिसमें सस्ते कैसेट्स और गाने रिकॉर्ड करके बेचे जाते थे. यही वो समय था जब गुलशन कुमार के करियर ने करवट ली. काफी संघर्ष के बाद गुलशन कुमार ने सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड बनाई जो भारत की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनी बन गई और उन्हें कैसेट किंग कहा जाने लगा. गुलशन कुमार ने इसी कंपनी के तहत टी-सीरीज की भी स्थापना की. उन्होंने नोएडा में एक प्रोडक्शन कंपनी खोली. उन्होंने धीरे-धीरे भक्ति गीत और भजन गाने की तरफ अपना रूख किया और देखते ही देखते वो फेमस हो गए. गुलशन कुमार ने अपने बिजनेस को बढ़ता देख मुंबई शिफ्ट होने की सोची.

मुंबई आने के बाद गुलशन कुमार की किस्मत ही बदल गई. उन्होंने मुंबई आने के बाद तकरीबन 15 से ज्यादा फिल्में प्रोड्यूस की जिनमें से एक फिल्म ‘बेवफा सनम’ थी जिसे उन्होंने डायरेक्ट भी किया था. गुलशन कुमार की पहली प्रोड्यूस की गई फिल्म ‘लाल दुपट्टा मलमल का’ थी. हालांकि, उन्हें असली पहचान साल 1990 में आई फिल्म ‘आशिकी’ से मिली.

अबु सलेम ने हर महीने मांगे थे 5 लाख रुपये

अपने इतने से करियर में उन्होंने अपनी एक बड़ी इमेज बना ली थी और म्यूजिक इंडस्ट्री पर राज कर रहे थे और शायद यही बात कुछ लोगों को खटक रही थी इसीलिए 12 अगस्त 1997 को मुंबई के साउथ अंधेरी इलाके में स्थित जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अबु सलेम ने गायक गुलशन कुमार से हर महीने 5 लाख रुपये की मांग की थी जिसे उन्होंने देने से साफ तौर पर इनकार कर दिया था. गुलशन कुमार ने अबु सलेम को पैसों के लिए मना करते हुए कहा ता कि इतने रुपये देकर वो वैष्णो देवी में भंडारा कराएंगे. इस बात से नाराज अबु सलेम ने शूटर राजा को कहकर गुलशन कुमार का दिन दहाड़े मर्डर करवा दिया था.

दरअसल, गुलशन कुमार मंदिर में बिना गार्ड के पूजा के लिए जा रहे थे. इसी दौरान मंदिर के बाहर ही तीन लोगों ने एक के बाद एक 16 गोलियां चलाकर उनका सीना छलनी कर दिया था. उनके ड्राइवर ने हालांकि उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन उन लोगों ने ड्राइवर को भी गोली मार दी. गुलशन कुमार को किसी तरह अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो चुकी थी.

म्यूजिक डायरेक्टर नदीम का भी आया था हत्या में नाम

हालांकि, आरोप ये भी लगे थे कि गुलशन कुमार की हत्या में म्यूजिक डायरेक्टर नदीम का हाथ है. इस केस में उनका नाम सामने आने के बाद नदीम इंग्लैंड भाग गए. साल 2022 में एक भारतीय कोर्ट ने सबूत न मिल पाने के अभाव में उनके खिलाफ हत्या में शामिल होने के केस को रद्द कर दिया लेकिन उनकी गिरफ्तारी के वारंट को वापस नहीं लिया गया जिसकी वजह से नदीम आज भी बेहद परेशान हैं और भारत से बाहर ही हैं.

Source : Tv9 bharatvarsh

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