बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तार अधिकारी की पहचान राजेश कुमार भगत, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, विभूतिपुर नगर एवं उजियारपुर प्रखंड, जिला–समस्तीपुर के रूप में हुई है।
क्या है पूरा मामला?
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की मुख्यालय टीम ने 24 फरवरी 2026 को यह कार्रवाई की। इससे पहले 23 फरवरी 2026 को निगरानी थाना कांड संख्या–023/26 दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता राम एकबाल सिंह, निवासी–मणियारपुर, थाना–घटहो, जिला–समस्तीपुर ने निगरानी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की जा रही है।
सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
निगरानी ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में ट्रैप टीम ने समस्तीपुर के काली चौक (थाना–दलसिंहसराय) स्थित किराये के आवास पर जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी अधिकारी ने 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया।
आगे क्या?
गिरफ्तार अधिकारी से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद उन्हें विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की अनुसंधान कार्रवाई जारी है।
इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। आम जनता से भी अपील की गई है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में अवैध मांग की जाती है तो उसकी शिकायत निगरानी विभाग में अवश्य करें।

