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बांका: बिहार के बांका के एक गांव में ग्रामीणों ने साथ अजीब किस्सा हो गया. 28 नवंबर की रात वह सोने गए. 29 नवंबर की सुबह उठे तो देखा गांव की सड़क ही गायब हो गई है. ये देख कर ग्रामीण टेंशन में आ गए और पुलिस तक पहुंचकर सारी बातें बताई. दरअसल नवादा-खरौनी पंचायत के खरौनी गांव से दक्षिण दिशा में स्थित खादमपुर गांव तक जाने वाली एकमात्र सड़क मार्ग रातों रात गायब हो गई है. उस मार्ग को गेहूं के खेत में बदल दिया गया है. 28 नवंबर की रात खरौनी गांव के कुछ दबंगों सड़क को रातों-रात जोत कर उसमें गेहूं की बुआई कर दी गई है.

सुबह उठे और बाहर निकले तो सड़क ही गायब मिली

बताया जाता है कि मंगलवार की सुबह जब कुछ ग्रामीण अन्यत्र जाने के लिए बाहर निकले तब उन्हें सड़क नहीं दिखी. उन्हें लगा कि वो कहीं भटक तो नहीं गए, लेकिन बाद में पता चला कि सड़क मार्ग को ही जोत कर उसमें गेहूं की बुआई कर दी गई है. धीरे-धीरे यह बात पूरे खादमपुर गांव में आग की तरह फैल गई. लोगों में तनाव हो गया. पूरा गांव टेंशन में आ गया है. खादमपुर गांव के ग्रामीण जब खरौनी गांव के उन लोगों से बात करने पहुंचे तो उल्टे दबंगई का दिखाते हुए सभी मारपीट पर उतारू हो गए. इसके बाद ग्रामीणों ने घटना की लिखित जानकारी रजौन सीओ मोहम्मद मोइनुद्दीन को दी.

पुलिस करेगी कार्रवाई

इधर, रजौन सीओ मोहम्मद मोइनुद्दीन ने बताया कि हल्का राजस्व कर्मचारियों के प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में यातायात मार्ग को अवरुद्ध करने वाले लोगों को चिन्हित कर उन्हें नोटिस भेजने की कार्रवाई की जा रही है. दोनों पक्षों को प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाली नवादा बाजार सहायक थाना परिसर के जनता दरबार में तीन दिसंबर शनिवार को तलब किया गया है. घटना को अंजाम देने वालों के विरुद्ध मामला ही पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.

गांव का एकमात्र रास्ता गायब होने से टेंशन का माहौल

खादमपुर गांव के ग्रामीणों का अपने गांव से अन्यत्र कहीं भी जाने के लिए एकमात्र यही रास्ता है जिसे ग्रामीण दशकों से इस्तेमाल कर रहे हैं. कुछ लोगों की मानें तो यह एक सरकारी डांड़ है जिसके सहारे ग्रामीण दशकों से गांव आने जाने के लिए इस्तेमाल करते चले आ रहे हैं. खरौनी गांव के आशुतोष सिंह, विक्रम सिंह, परमानंद सिंह, उत्तम सिंह, पिंकी देवी संध्या देवी, अजय कुमार सिंह, विनय सिंह, अजय कुमार सिंह, संजय सिंह सहित करीब 35 ग्रामीणों ने सीओ को हस्ताक्षरित आवेदन में कहा है कि ग्रामीण सड़क के अभाव में आजादी के 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी गांव के ग्रामीण टापू की तरह गांव से बाहर आने जाने के लिए मजबूर हैं.

गांव में तनाव का माहौल

ग्रामीण सड़क के अभाव में खादमपुर गांव के लोगों का जीवन यापन ठप हो गया है. ग्रामीण किसी तरह अगल-बगल के पगडंडी होकर यात्रा करते चले आ रहे हैं. ग्रामीण बताते हैं कि करीब 500 मीटर तक पीसीसी सड़क में भी परिणत है. खरौनी गांव के कुछ दबंगों द्वारा सड़क मार्ग को अवरुद्ध करते हुए ट्रैक्टर से जोत कर उसमें गेहूं की बुआई कर दी गई है. खरौनी गांव के दबंगों द्वारा सड़क मार्ग की जुताई कर गेहूं की बुआई कर दिए जाने के बाद दो गांव के बीच तनाव का माहौल कायम हो गया है. इधर, नवादा बाजार सहायक थाना की पुलिस और स्थानीय प्रशासन किसी अनहोनी को लेकर घटना पर पैनी नजर बना रखी है.

Source : abp news

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