बिहार में शराबबंदी (Prohibition in Bihar) को प्रभावी बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. शराबबंदी को सफल बनाने के लिए जागरुकता अभियान चलाकर लोगों को शराब के दुष्परिणाम के बारे में सरकार बता रही है और शराब नहीं पीने की अपील कर रही है. बावजूद इसके लोग शराब पीने से परहेज नहीं कर रहे हैं. तो वहीं सरकार के सख्त रूप अख्तियार करने के बाद भी शराब पीने का मामला लगातार सामने आ रहा है.

लेकिन बिहार के जुमई जिले में एक गांव है जहां पूरी तरह शराबबंदी है. यहां गांव के लोग कुल देवता के डर से सालों से शराब नहीं पीते हैं. गांव वालों का दावा है कि यहां लोग सात सौ सालों से शराब नहीं पीते हैं. इस बीच अगर किसी ने शराब पी तो उन्हें कुल देवता के प्रकोप का सामना करना पड़ा. अब इसे आस्था कहें या अंधविश्वास लेकिन इस गांव के लोग इस भय से शराब जैसी बुरी चीज से दूर हैं.

जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड के गंगरा गांव के लोगों ने पिछले सात सौ साल से शराब नहीं पी है. बिहार में शराबबंदी के बाद इस गांव से अब तक शराब पीने का कोई मामला सामने नहीं आया है. गिद्दोर थाने के थाना प्रभारी अमित कुमार भी इस बात की तस्दीक करते हैं. अमित कुमार ने कहा कि उनकी जब से यहां पोस्टिंग हुई है गंगरा गांव से शराब पीने से जुड़ा कोई मामला सामने नहीं आया है.

बाहर से आनेवालों को भी रहती है सख्त हिदायत

जमुई जिले के रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार शिवेद्र नारायण सिंह ने बताया कि एक ओर जहां गांव के लोग शराब नहीं पीते हैं वहीं इस गांव में आनेवाले लोगों को भी यहां शराब नहीं पीने और पीकर नहीं आने की सख्त हिदायत है. शादी विवाह तय होने के बाद यहां आने वाली बारात तक को शराब नहीं पीकर आने के लिए कहा जाता है, जिसके बाद दूसरी जगहों से आए लोग भी यहां शराब से परहेज करते हैं.

बाबा कोकिलचंद के हैं तीन मंत्र हैं

दरअसल मान्यता है कि शराब पीने से गंगरा गांव के कुल देवता कोकिलचंद जिनका यहां भव्य मंदिर बना हुआ है वह नाराज हो जाते हैं. कुलदेवता बाबा कोकिलचंद के तीन मंत्र हैं. शराब से दूर रहना, नारी का सम्मान करना, और अन्न की बर्बादी नहीं करना. गंगरा गांव के लोग इस तीन सूत्र को आत्मसात कर जीवन जीते हैं. गांव के लोगों का कहना है कि भले ही बिहार में 2016 में शराबबंदी हुई है. लेकिन यहां तो सैकड़ों सालों से शराबबंदी है. दावा तो ये भी है कि यहां के लोगों ने सात सौ साल से शराब नहीं पी है.

यहां बाबा के पिंड की होती है पूजा

जनप्रतिनिधियों का भी दावा लोग नहीं पीते हैं शराब

गंगरा गांव के लोगों के शराब नहीं पीने के दावे को गंगरा पंचायत के मुखिया पति और जमुई विधायक के सचिव कल्याण सिंह ने भी सही ठहराया है. उन्होंने बताया कि गंगरा गांव के लोगों का मानना है कि जो शराब का सेवन नहीं करते हैं उनकी तरक्की होती है और जो शराब पीते हैं वो नष्ट हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि यहां अगर किसी ने गलती से भी शराब का सेवन किया तो उसके साथ अनिष्ट हुआ. इसके बाद से लोग शराब नहीं पीने की जो परंपरा है उसे मानते हैं. गंगरा गांव के युवा, बुजुर्ग या दूसरा कोई व्यक्ति शराब का सेवन नहीं करता है.

जमुई DM ने कहा-यह प्रेरणादायक है

वहीं जमुई के डीएम अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि यह सुखद है. भले ही किसी वजह से वह शराब नहीं पी रहे हों यह प्रेरणादायक है. उन्होंने कहा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कहते हैं लोग स्वप्रेरण से शराब नहीं पीएं और इस बुराई से दूर रहें. इस गांव लोग इस बात को लेकर ही सही शराब से दूर हैं तो यह प्रेरणादयक है, जमुई डीएम ने कहा कि वह जल्द ही इस गांव के लोगों से मुलाकात करेंगे

Source : Tv9 bharatvarsh

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