मुजफ्फरपुर | 9 फरवरी 2026| मुजफ्फरपुर जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जिले में 10 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक सर्वजन दवा सेवन अभियान (एमडीए) चलाया जाएगा, जिसके तहत लगभग 60 लाख से अधिक लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी। अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
डीएम की अध्यक्षता में अधिकारियों की कार्यशाला, मीडिया ब्रीफिंग
अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों की संयुक्त कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान मीडिया ब्रीफिंग कर अधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों को अभियान के उद्देश्यों, रणनीति और सावधानियों से अवगत कराया गया।
जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की कि स्वस्थ व्यक्ति भी दवा का सेवन अवश्य करें, ताकि संक्रमण की श्रृंखला पूरी तरह समाप्त की जा सके।
2409 टीमें मैदान में, 60 लाख का लक्ष्य
जिले में अभियान के लिए 2409 दवा सेवन टीमें गठित की गई हैं, जिनमें 3571 आशा कार्यकर्ता, 1294 आंगनबाड़ी सेविकाएं और अन्य स्वयंसेवक शामिल हैं। इनके पर्यवेक्षण के लिए 227 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। सभी टीमों को आवश्यक प्रशिक्षण, दवाएं और डोज पोल उपलब्ध करा दिए गए हैं।
11 फरवरी को राज्यव्यापी मेगा कैंप
अभियान के तहत 11 फरवरी को राज्यव्यापी मेगा कैंप आयोजित किया जाएगा। इस दिन जिले के सभी गांवों और शहरी क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष बूथ लगाए जाएंगे। प्रत्येक बूथ पर 400 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जीविका दीदियों, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों को जन-जागरूकता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दो चरणों में होगा दवा सेवन
सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने बताया कि अभियान दो चरणों में संचालित होगा।
• पहला चरण (10–24 फरवरी): घर-घर जाकर दवा सेवन
• दूसरा चरण (25–27 फरवरी): स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित सार्वजनिक स्थलों पर बूथ
कटरा प्रखंड को छोड़कर जिले के सभी प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों में यह अभियान चलेगा।
एहतियात जरूरी, अफवाहों से बचने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि दवा खाली पेट नहीं लेनी है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति और हाल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को दवा नहीं दी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सदर अस्पताल में रैपिड रिस्पांस टीम तैनात रहेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनभागीदारी से ही फाइलेरिया उन्मूलन संभव है और यह अभियान जिले को स्वस्थ भविष्य की ओर ले जाने वाला सामूहिक प्रयास है।

