हाजीपुर अब उत्तर बिहार का नया ट्रांसपोर्ट हब बनने जा रहा है। यहाँ जल्द ही राज्य का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर बनने जा रहा है। पांच किलोमीटर लंबे और 12 लेन वाले इस फ्लाईओवर के लिए सारी प्रशासनिक औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं और डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) भी तैयार कर ली गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि सितंबर में टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और इसके बाद जल्द ही निर्माण कार्य भी आरंभ हो जाएगा।
रामाशीष चौक से पासवान चौक तक बनेगा फ्लाईओवर
यह फ्लाईओवर रामाशीष चौक से पासवान चौक तक बनेगा और इसके माध्यम से छपरा-हाजीपुर हाईवे और मुजफ्फरपुर-हाजीपुर हाईवे को सीधा जोड़ा जाएगा। फिलहाल इन रूट्स पर रोज़ाना भारी ट्रैफिक जाम की समस्या होती है। फ्लाईओवर बन जाने के बाद न सिर्फ हाजीपुर बल्कि पटना और पूरे उत्तर बिहार के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
उत्तर बिहार का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रही है। यह फ्लाईओवर उत्तर बिहार का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर होगा, जिसे ‘गेटवे ऑफ नॉर्थ बिहार’ कहे जाने वाले हाजीपुर में बनाया जाएगा।
150 पिलर और आधुनिक डिज़ाइन
5 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर को मजबूती देने के लिए 150 पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, बीएसएनएल गोलंबर को भी नए अंदाज़ में आधुनिक रूप दिया जाएगा। इससे न सिर्फ ट्रैफिक की समस्या कम होगी बल्कि हाजीपुर शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी।
गांधी सेतु पर दबाव कम होगा
अभी मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, शिवहर, बेतिया, छपरा और सीवान जैसे जिलों से आने-जाने वाली गाड़ियाँ हाजीपुर होकर ही गांधी सेतु पर जाती हैं। इस वजह से यहाँ घंटों लंबा जाम लगता है। फ्लाईओवर बनने के बाद गांधी सेतु पर गाड़ियों का दबाव घटेगा और लोगों का सफ़र सुगम व तेज़ हो जाएगा।
दो साल में पूरा होगा काम
प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए दो साल का लक्ष्य तय किया गया है। यानी यदि समय पर काम शुरू हो गया तो 2027 तक उत्तर बिहार के लोगों को इस फ्लाईओवर की सुविधा मिलने लगेगी।

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