वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी पहल: अब शिकायत के लिए थाना नहीं, सिर्फ 112
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वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी पहल: अब शिकायत के लिए थाना नहीं, सिर्फ 112

बिहार में 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पुलिस व्यवस्था को और संवेदनशील बनाया गया है। अब बुजुर्गों को किसी शिकायत के लिए थाना जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे केवल डायल 112 पर कॉल करेंगे और पुलिस की टीम सीधे उनके घर पहुंचकर शिकायत दर्ज करेगी।


इस नई व्यवस्था को लेकर इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस/डायल 112) के पुलिस उप महानिरीक्षक ने मुजफ्फरपुर सहित राज्य के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। यह सुविधा पहले से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लागू है, जिसे अब बिहार में भी प्रभावी रूप से लागू किया गया है।


जानकारी के अनुसार, जनवरी 2026 में पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर यह अहम निर्णय लिया गया था। इसके तहत अब जिले के पुलिस कप्तानों को आदेश दिया गया है कि इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए और लोगों के बीच जागरूकता भी फैलाई जाए।


मुजफ्फरपुर जिले में डायल 112 के तहत करीब 200 पूर्व सैनिक सेवाएं दे रहे हैं, जो कानून-व्यवस्था में पुलिस का सहयोग करते हैं। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 की टीम सबसे पहले मौके पर पहुंचती है। जिले में इनका औसत रिस्पांस टाइम 7 से 9 मिनट बताया गया है।


उप महानिरीक्षक के निर्देश के आलोक में मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने डायल 112 पर तैनात सभी कर्मियों को आदेश दिया है कि 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों की शिकायतों को प्राथमिकता पर दर्ज कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


इतना ही नहीं, डायल 112 की टीम अब अपने क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों से महीने में एक से दो बार फोन या व्यक्तिगत संपर्क कर उनका हालचाल भी लेगी। खासकर वे बुजुर्ग दंपत्ति जो अकेले रहते हैं और अपराधियों के लिए आसान लक्ष्य बन सकते हैं, उनसे नियमित संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में रिपोर्ट भी मुख्यालय को भेजी जाएगी।


यह पहल वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और भरोसे को मजबूत करने की दिशा में पुलिस का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।