₹5000 की रिश्वत और ₹12 हजार की मांग… रंगे हाथ गिरफ्तारी से हिला बिजली विभाग

₹5000 की रिश्वत और ₹12 हजार की मांग… रंगे हाथ गिरफ्तारी से हिला बिजली विभाग

मुजफ्फरपुर से एक सनसनीखेज़ भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दफ्तरों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली कनेक्शन और मीटर लगाने के नाम पर खुलेआम रिश्वतखोरी का खेल चल रहा था, लेकिन इस बार शिकायतकर्ता की हिम्मत और विशेष निगरानी इकाई की सटीक कार्रवाई ने पूरे नेटवर्क को बेनकाब कर दिया।


दिनांक 7 जनवरी 2026 को विशेष निगरानी इकाई, पटना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्युत विभाग के जेई श्री गौतम कुमार को ₹5000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई साहेबगंज थाना क्षेत्र के आशापढ़ी परसौनी गांव निवासी मो. जाहिद की लिखित शिकायत के आधार पर की गई।


शिकायत के मुताबिक, बिजली कनेक्शन और मीटर लगाने के एवज में जेई गौतम कुमार के इशारे पर एमआरसी निशांत और लाइनमैन मुनुजुन राय ने कुल ₹12,000 की मांग की थी। आरोप है कि दबाव बनाते हुए कहा गया था कि अगर रकम नहीं दी गई तो न तो कनेक्शन मिलेगा और न ही मीटर लगाया जाएगा, बल्कि एफआईआर की धमकी भी दी गई।


सूत्रों के अनुसार, सत्यापन के दौरान पहले ₹5000 दबाव डालकर वसूले गए और शेष ₹5000 अगले दिन देने को कहा गया। जैसे ही तय रकम ली गई, पहले से घात लगाए बैठी विशेष निगरानी टीम ने जेई गौतम कुमार को रंगे हाथ दबोच लिया। इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया।


मामले में जेई गौतम कुमार, एमआरसी निशांत और लाइनमैन मुनुजुन राय के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत केस दर्ज किया गया है। निगरानी विभाग का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है और अन्य संलिप्त लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।


फिलहाल आरोपी को निगरानी न्यायालय, पटना में पेश किए जाने की तैयारी है और आगे की कार्रवाई जारी है।
यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन आम लोगों की जीत है जो भ्रष्ट सिस्टम के सामने चुप रहने को मजबूर होते हैं। सवाल अब यह है—क्या यह कार्रवाई रिश्वतखोरी पर लगाम लगाएगी, या यह कहानी फिर किसी फाइल में दफन हो जाएगी?